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1949 स्कूलों के 1.84 लाख बच्चों को दूध का इंतजार, दूध पाउडर में कटौती

शिक्षा विभाग भीलवाड़ा ने कक्षा एक से आठ तक की नामांकन रिपोर्ट मांगी

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1.84 lakh children of 1949 schools are waiting for milk, reduction in milk powder

1.84 lakh children of 1949 schools are waiting for milk, reduction in milk powder

सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए बालक-बालिकाओं के लिए कई योजनाएं चला रही है। इनमें प्रमुख रूप से दूध, भोजन, पोशाक सहित कई योजनाएं शामिल है। इनमें दूध योजना का नाम पन्नाधाय बाल गोपाल योजना करने के बाद भी बालकों को नया शिक्षा से दूध नहीं मिल रहा है।

मिड डे मील योजना में बालकों को मिलने वाले भोजन की राशन सामग्री का भी जिले में कुछ जगहों पर वितरण प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस सरकार के समय शुरू मुख्यमंत्री बाल गोपाल दूध योजना के तहत स्कूलों में दूध पाउडर सत्र शुरू होने से पहले ही समाप्त हो गया था। गिने-चुने स्कूलों में जहां दूध पाउडर बचा है, वह अवधि पार हो गया। प्रदेश में नई सरकार का गठन होने के बाद बाल गोपाल दूध योजना का नाम बदल कर पन्नाधाय बाल गोपाल दूध योजना शुरू की गई है। लेकिन इस योजना मेें अभी दूध पाउडर की आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। संस्था प्रधानों से कक्षा एक से आठ तक नामांकित बालकों की संख्या मांगी है। लेकिन जितने दूध पाउडर की जरूरत है उसका मात्र 65 प्रतिशत ही दूध पाउडर मिलने की संभावना है।

मांग 2 लाख 57 हजार किलोग्राम की, मिलेगा 1.93 लाख किलो

जिले में 1949 स्कूलों में कुल 1 लाख 84 हजार 322 बच्चे है। इनमें कक्षा एक से पांचवीं तक 1 लाख 11 हजार 648 तथा छठी से आठवीं तक 72,674 बच्चे शामिल हैं। इनके आधार पर 2 लाख 57 हजार 90 किलो दूध पाउडर की आवश्यकता है, लेकिन विभाग को मात्र 1 लाख 93 हजार 685 किलोग्राम के ही आदेश मिले हैं। इसके चलते अब दूध पाउडर में कमी होने की आशंका है। पांचवीं तक के छात्रों को 15 ग्राम व छठी से आठवीं तक के छात्रों को 20 ग्राम पाउडर से दूध तैयार कर देने का प्रावधान है। लेकिन दूध पाउडर में कटौती होने से बच्चों के दूध पर असर पड़ेगा।

पहली योजना बंद, दूसरी में भी नहीं आया

प्रदेश में नई बनी सरकार ने बाल गोपाल योजना दूध की समीक्षा करते हुए पहले बच्चों को पौष्टिक अनाज देने को लेकर मानस बनाया। लेकिन कई महीने तक इसे नहीं दिया। इसके बाद सरकार ने पहले की तरह दूध पाउडर देने का निर्णय किया है। लेकिन जुलाई माह से शुरू हुए शैक्षणिक सत्र के बाद आज तीसरा महीना बीतने को आया है। लेकिन अब तक सरकार ने ना तो विद्यालयों में ताजा दूध और ना ही पाउडर उपलब्ध करवाया है।