
जलदाय विभाग की लापरवाही सरकार की मंसूबों पर पानी फेर रही है। जलसंकट से जूझती वस्त्रनगरी को राहत के लिए करोड़ों रुपए खर्च चम्बल का पानी आने के बावजूद लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
भीलवाड़ा।
जलदाय विभाग की लापरवाही सरकार की मंसूबों पर पानी फेर रही है। जलसंकट से जूझती वस्त्रनगरी को राहत के लिए करोड़ों रुपए खर्च चम्बल का पानी आने के बावजूद लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। सरकारी कारिंदों की लापरवाही का नमूना देखिए। गर्मी आने से पहले ही लोग जलसंकट से जूझने को मजबूर हैं। इसका उदाहरण मंगलवार को शास्त्रीनगर समेत आधा दर्जन कॉलोनियों में दिखा।
निर्धारित समय से दस घंटे बाद पेयजल सप्लाई हुआ, लेकिन महज बीस मिनट बाद ही नलों से बूंदें आनी थम गई। लोगों को पता चला तब तक सप्लाई बंद हो गई। नलकूप और हैण्डपम्पों की दौड़ लगाई गई। लोग प्यासे ही रह गए। जानकारी के अनुसार सिंधुनगर पम्प हाउस में सोमवार देर रात मोटर खराब हो गई। इससे शास्त्रीनगर न्यू हाउसिंग बोर्ड की टंकी नहीं भर पाई। इलाके में सुबह साढ़े छह बजे जल सप्लाई होना था। लोगों ने पात्र खाली कर नल के आगे लगा दिया, लेकिन सात बजे तक जलापूर्ति नहीं हुई तो लोग परेशान हो गए। गर्मी में पेयजल मांग बढ़ रही तो दूसरी ओर दो दिन बाद में पानी नहीं आया। लोगों ने जलदाय विभाग के दफ्तर में फोन किया तो वहां फोन उठाने वाला नहीं था।
शाम को कब पानी आया, कब बंद पता ही नहीं
दस घंटे बाद शाम 4 बजे सप्लाई शुरू हुई तो लेकिन 4.20 बजे बंद हो गई। अघोषित सप्लाई का लोगों को पता नहीं तक नहीं चला। इसका कारण अधिकारियों ने बीच में लाइन टूटना बताया। लोग प्यासे रह गए।
कब मिलेगी जलसंकट से मुक्ति
चम्बल का पानी आने के बाद विश्वास दिलाया गया था कि जलसंकट से मुक्ति मिलेगी। रोज पानी आएगा। रोजाना दूर दो दिन तक में जलदाय विभाग सप्लाई की व्यवस्था नहीं बना पा रहा। टेल तक पानी ही नहीं पहुंच रहा। पर्याप्त पानी नहीं आने से अभी से जलसंकट के कारण लोग परेशान होने लगे है। जबकि मई और जून की भीषण गर्मी अभी बाकी है।
इनका कहना है
सिंधुनगर स्थित पम्प हाउस में रात में मोटर खराब हो गई थी। इसके चलते दस घण्टे बाद सप्लाई की। उसके बाद लाइन टूटने से हालात बने। सप्लाई को यथावत बनाने के प्रयास कर रहे है।
निरंजन हाड़ा, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग
Published on:
04 Apr 2018 03:03 pm

बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
