
भीलवाड़ा की एक फैक्ट्री में यार्न से बनता कपड़ा
भीलवाड़ा।
केन्द्रीय वित्त मंत्रालय ने यार्न पर 12 प्रतिशत जीएसटी लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। अब कपड़ा व्यापारियों को 12 प्रतिशत की दर से यार्न पर टैक्स देना होगा। हालांकि इसकी घोषणा जीएसटी काउंसिल की 6 अक्टूबर को हुई बैठक में कर दी थी, लेकिन अधिसूचना जारी नहीं होने से कपड़ा व्यापारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था।
मेवाड़ चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इण्डस्ट्री के महासचिव आरके जैन ने बताया कि यार्न पर टैक्स दर 12 प्रतिशत लगेगी लेकिन यह दर अधिसूचना जारी होने की रात से लगेगी। इससे पहले इसकी दर 18 प्रतिशत ही रहेगी। इसके लिए चेम्बर व सांसद सुभाष बहेडिय़ा ने काफी प्रयास किया। कुछ व्यापारी का कहना था कि इस घोषणा के साथ ही 12 प्रतिशत की दर से चालान से यार्न खरीदने लगे थे। इसे विभाग नियमानुसार गलत माना गया था। विभाग के अधिकारियों का मानना था कि जब तक अधिसूचना जारी नहीं हो जाती यार्न पर 18 प्रतिशत ही टैक्स रहेगा। पहले घोषणा के साथ ही या शाम तक अधिसूचना जारी हो जाती थी, लेकिन अब जीएसटी काउसिंल की घोषणा के बाद अधिसूचना लम्बी प्रक्रिया हो गई है।
अब ड्राफ्ट बनाकर सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों के पास स्वीकृति के लिए भेजना पड़ा। वहां स्वीकृति के बाद विधि मंत्रालय के पास भेजा गया। ड्राफ्ट की स्वीकृति के बाद उसकी अधिसूचना जारी की गई। अधिसूचना 13 अक्टूबर की रात को जारी की गई। इसके आधार पर ही यार्न पर जीएसटी दर 12 प्रतिशत हो गई है।
जॉब पर लगा था 18 प्रतिशत टैक्स
व्यापारियों का मानना है कि जीएसटी की घोषणा के साथ ही एक जुलाई से जॉब पर काम करने वालों पर 18 प्रतिशत टैक्स दर थी। इसका विरोध करने पर बाद में इसे पांच प्रतिशत में शामिल कर लिया गया था। लेकिन अधिसूचना 22 अगस्त को जारी हुई थी। कई व्यापारियों को घोषणा से पहले तक 18 प्रतिशत टैक्स
देना पड़ा है। अधिसूचना को जल्द जारी कराने के लिए मेवाड़ चेम्बर ऑफ कामर्स ने जीएसटी आयुक्त व सीबीईसी दिल्ली के उपेन्द्र गुप्ता तथा राजस्व सचिव हंसमुख अधिया को प्रतिवेदन भेजा था।
Published on:
15 Oct 2017 02:25 pm

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