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चारभुजा नाथ की प्रतिमा पर 3 किलो रजत-स्वर्ण की पोशाक

आकर्षण का केन्द्र रहे चारभुजानाथ

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3 kg silver-gold dress on the statue of Charbhuja Nath in bhilwara

3 kg silver-gold dress on the statue of Charbhuja Nath in bhilwara

भीलवाड़ा .
माहेश्वरी समाज चारभुजा मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में दो दिवसीय अन्नकूट महोत्सव मनाया गया। इस दौरान 3 फीट की चारभुजा नाथ की प्रतिमा को रजत-स्वर्ण 3 किलो की पोशाक बड़ा मंदिर में धारण कराई गई। मंदिर निर्माण से 289 वर्ष बाद यह पोशाक धारण कर दीपावली व अन्नकूट में हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर दीपावली अन्नकूट मनाया। मंदिर को फूलों से सजाया गया। पहली बार चारों ओर रंग बिरंगे फूलों की लटकन लगाकर मंदिर को सजाया गया। अमावस के दिन चारभुजा नाथ के गुंबद पर मंत्रोचार के साथ ध्वजा चढ़ाई गई। अन्नकूट को शाम की आरती के समय गोबर निर्मित हजारों दीपक से मंदिर जगमगा उठा। इस दौरान समाज के पदाधिकारी, पंच व ट्रस्टी की उपस्थिति में अन्नकूट का प्रसाद चढ़ाया गया। दीपावली के दिन पोशाक में चारभुजा नाथ राम अवतार में गोवर्धन पूजा के दिन कृष्ण अवतार के रूप में दर्शन दिए।
ट्रस्ट मीडिया प्रभारी महावीर समदानी ने बताया कि दीपावली के दिन भगवान राम के आगमन के तहत चारभुजा नाथ ने रजत-स्वर्ण पोशाक धारण के साथ राम अवतार में सीधे मुकृट के साथ चेहरे का श्रंृगार व धनुष बाण सज्जित थे। कृष्ण अवतार में तिरछे मोर मुकुट के साथ, मोर पंख सुसज्जित कर, मुरली रूप धारण किए हुए थे।
पहली बार रजत-स्वर्ण पोशाक धारण करवाई
राजस्थान में 3 फीट की एकमात्र बड़े मंदिर चारभुजा नाथ की प्रतिमा है। ट्रस्टियों ने तीन किलो रजत-स्वर्ण की पोशाक बनाई गई। प्रदेश में नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी, राजसमंद एकलिंग जी के भी पूरी स्वर्ण पोशाक नहीं है। सांवरिया सेठ की प्रतिमा भी डेढ़ फीट की है। नाकोड़ा भैरव की प्रतिमा भी छोटी है। जैन समाज में मंदिर तो कहीं विशाल है लेकिन इनके स्वर्ण पोशाक धारण कराने का नियम नहीं है।
गुम्मद पर ध्वजा चढ़ाई
अमावस के दिन अन्नकूट पर ट्रस्टी अनिल झंवर ने चारभुजा नाथ के ध्वजा चढ़ाई। मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष उदयलाल समदानी, मंत्री रामस्वरूप सांमरिया, राधेश्याम चेचानी, राधेश्याम सोमाणी, देवेंद्र सोमानी, केदार जागेटिया उपस्थित थे। ध्वजा चढ़ाने का उद्देश्य कोरोना महामारी को समाप्त करने को लेकर है।
हजारों गोबर के दीपक से मंदिर जगमगाया
अन्नकूट के दिन शाम ५ बजे शास्त्रीनगर माहेश्वरी सभा अध्यक्ष संजय जागेटिया व मंत्री राजेंद्र तोषनीवाल के सानिध्य में हजारों दीपक मंदिर के चारों और लगाकर उन्हें एक साथ जलाकर मंदिर को जगमगाया। इसके बाद 6 बजे महाआरती की गई। इस अवसर पर जिला माहेश्वरी सभा अध्यक्ष दीनदयाल मारू, मंत्री देवेंद्र सोमानी, श्रीनगर माहेश्वरी सभा अध्यक्ष केदार जागेटिया, रामेश्वर तोषनीवाल, राकेश पटवा, बालमुकुंद राठी, रामस्वरूप तोषनीवाल, सुनील कुमार सोनी, रामपाल लाठी, छितरमल डांड, बद्री लाल डाड, सत्यनारायण सोमानी, रतनलाल पटवारी, महेश कुमार भंडारी, प्रमोद डाड, राजेंद्र नुवाल, गोविंद राम तोषनीवाल, शिव तोषनीवाल समेत ट्रस्टी उपस्थित थे। अन्नकूट में चावल, चवला, विभिन्न सब्जियों सहित मिष्ठान का भोग लगाया। भक्तों को सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करते हुए प्रसाद वितरण किया।

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