
65 lakhs fraud on purchase name of Mines in bhilwara
भीलवाड़ा।
माइंस खरीदने के नाम पर 65 लाख रुपए हड़प कर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। झूठे मुकदमे में फंसने की धमकी भी दी। दम्पती के खिलाफ मामला प्रतापनगर थाना पुलिस ने दर्ज किया। उपनिरीक्षक प्रकाश भाटी के अनुसार दिल्ली हाल गांधीनगर निवासी आशीष पाटोदिया ने आर्य समाज रोड महावीर मोहल्ला निवासी रमेश अग्रवाल और उसकी पत्नी किरण अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
परिवादी ने बताया कि दम्पती के उनके पूर्व परिचित थे। दोनों परिवादी के गांधीनगर स्थित आवास पर आए और कहा कि जोगणिया माता के निकट प्रेमनगर में उनके स्वाम्त्वि के 16 ब्लॉक है। 16 ब्लॉक में से 2 रमेश और 2 ही किरण के नाम पर है। जबकि अन्य दूसरे के नाम पर है।
परिवादी को माइंस में २५ प्रतिशत की भागीदारी का विश्वास दिलाकर २५ लाख रुपए प्राप्त किए । पूरे 16 क्वॉरी लाइसेंस की कीमत 65 लाख रुपए तय हुई। इस माइंस को चलाने में दम्पती ने असमर्थत बताया। इस पर 65 लाख रुपए देकर परिवादी आशीष ने इकरारनामा बनवाया। परिवादी ने माइंस नाम नहीं की। वे टालमटोल करते रहे।
फर्जी दस्तावेज से नौकरी हथियाने का आरोप
भीलवाड़ा नगर विकास न्यास में फर्जी दस्तावेज से लिपिक की नौकरी हथियाने का मामला गुरुवार को सुभाषनगर थाने में दर्ज कराया गया। न्यास सचिव समेत तीन जनों के खिलाफ अदालत के दखल से दर्ज मामले की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार आरसी व्यास कॉलोनी के कैलाश मारवाल ने मामला दर्ज कराया कि उसे आरटीआई से जानकारी मिली कि भादू (माण्डल) निवासी राजेन्द्र पुत्र नंदलाल मूंदड़ा न्यास में सचिव के यहां लिपिक है। राजेन्द्र ने माण्डल निवासी राजेन्द्र पुत्र रामदयाल मूंदड़ा से मिलीभगत कर कूट रचित दस्तावेज तैयार कर राजेन्द्र पुत्र रामदयाल मूंदड़ा के नाम से लिपिक की नौकरी हासिल की। इससे आरोपी राजेन्द्र पुत्र नंदलाल मूंदड़ा ने सरकार को लाखों रुपए का राजस्व नुकसान पहुंचाया। परिवादी कैलाश ने सम्पर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन न्यास सचिव ने कार्रवाई नहीं की। उधर,इ राजेन्द्र पुत्र नंदलाल मूंदड़ा का कहना है कि इस मामले में वास्तविक दस्तावेज पेश कर दिए हैं। जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
Published on:
13 Jul 2018 03:17 pm

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