
Agarpura's Bagaria family made homeless, Gram Panchayat is supporting the bullies
सुवाणा पंचायत समिति व हलेड़ ग्राम पंचायत के अगरपुरा निवासी बागरिया परिवार को हलेड़ पंचायत ने मकान में तोड़फोड़ करते हुए उसे बेदखल कर दिया। जबकि अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने 23 जुलाई 2018 को डिक्री आदेश जारी कर मकान से बेदखल नहीं करने व नियमानुसार पट्टा जारी करने के आदेश दिए थे। पंचायत ने आदेश की अवहेलना कर अन्य लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए जमीन के टुकड़े करते हुए पट्टे जारी कर दिए। आरोप है कि सरपंच व ग्राम सचिव भी दबंगों का साथ दे रहे हैं।
पीडि़त बलदेव बागरिया ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्रभानसिंह भाटी को शिकायत दर्ज कराई कि ग्राम पंचायत हलेड़ के सरपंच ला़डदेवी के पति बालूलाल आचार्य व अन्य लोगों ने 1 मई को उसके पुश्तैनी मकान को जेसीबी से तोड़ दिया। परिवार के साथ मारपीट की। सदर थाने में रिपोर्ट देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। सीईओ भाटी ने पंचायत समिति के विकास अधिकारी गुलाबचंद को कार्रवाई करने तथा निर्माण कार्य बंद करवाने व समान जब्त करने के आदेश दिए। उधर, विकास अधिकारी गुलाबचंद का कहना है कि हलेड़ पंचायत के ग्राम सचिव ने कुछ दस्तावेज पेश किए हैं। उसके आधार पर 150 गुना 100 फीट के मकान व जमीन के टुकड़े करते हुए पहले 5 मई 2024 को जगदीश शर्मा पुत्र बालूलाल शर्मा के नाम से पट्टा जारी किया। तीन माह बाद 12 अगस्त 2024 को मंजू पत्नी जगदीश शर्मा के नाम से पट्टा जारी कर दिया। विकास अधिकारी गुलाबचंद का कहना है कि ग्राम पंचायत हलेड़ में पट्टे जारी कर रही है। संशोधित पट्टा भी जारी नहीं हो सकता। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जगदीश शर्मा का कहना है कि यह जमीन लक्ष्मी देवी आगाल से खरीदी थी। पुराना पट्टा था, लेकिन पंजीयन विभाग ने नया पट्टा बनवाने के लिए कहा तो वर्ष 2024 में नया व संशोधित पट्टा बनाकर जमीन की रजिस्ट्री करवा ली। बलदेव ने जमीन पर कब्जा कर रखा है।
Published on:
16 Jun 2025 09:01 am
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