
अहोई अष्टमी कल, संतान की लंबी उम्र के लिए व्रत
भीलवाड़ा. कार्तिक के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाता है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और उज्जवल भविष्य के लिए व्रत रखती हैं। इस साल अहोई अष्टमी 17 अक्टूबर को है। इस दिन अहोई माता की पूजा की जाती है। महिलाएं इस दिन निर्जल व्रत रखती हैं। अहोई अष्टमी के व्रत को तारे देखकर तोड़ा जाता है। इस साल अहोई अष्टमी के व्रत पर कई शुभ संयोग बनने जा रहे हैं। जो माताएं तारों को देखकर पारण करती हैं, वो शाम के समय 6.36 बजे पारण कर सकती हैं। जो महिलाएं चंद्रमा को देखकर पारण करती हैं वो रात 11 बजकर 24 मिनट के बाद पारण कर सकती हैं।
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि अहोई अष्टमी के दिन भगवान शिव और माता पार्वती को दूध भात का भोग लगाया जाता है। शाम को पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाया जाता है। अहोई माता की पूजा करते समय सफेद फूल अर्पित किए जाते हैं। शिवलिंग का दूध से अभिषेक कर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा की जाती है।
अहोई अष्टमी 2022 शुभ मुहूर्त
अष्टमी का प्रारंभ: 17 अक्टूबर, सुबह 9.29 बजे
अष्टमी का समापन: 18 अक्टूबर, सुबह 11.57 बजे
पूजा का शुभ मुहूर्त: शाम 6.14 बजे से शाम 07.28 बजे तक
Published on:
16 Oct 2022 12:01 pm

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