
AI becomes a game changer: Dr. Salunke changes the way of solving cases, says – preparation with AI is better
भारत के सबसे लंबे चलने वाले टीवी शो सीआइडी में फोरेंसिक एक्सपर्ट के किरदार से दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले डॉ. सालुंके (नरेंद्र गुप्ता) ने शुक्रवार को नगर निगम स्थित महाराणा प्रताप सभागार में पत्रिका से बातचीत की। गुप्ता ने बातचीत की शुरुआत अपनी पहचान से की। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि आज मुझे महसूस होता है कि डॉ. सालुंके का किरदार मेरी असली पहचान बन चुका है। एक कलाकार के लिए इससे गौरवपूर्ण और कुछ नहीं हो सकता कि दुनिया उसे उसके काम और किरदार के नाम से जाने। डॉ. सालुंके ने साझा किया कि शुरुआत में उन्हें फोरेंसिक साइंस की बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया किरदार निभाने के लिए मैंने काफी पढ़ाई और अभ्यास किया। मुंबई के असली फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ काम करना मेरे लिए सीखने का बड़ा अवसर रहा।
शहर की कलात्मक विरासत पर चर्चा करते हुए उन्होंने 45 साल पुरानी यादें ताजा कीं। उन्होंने जयपुर के दिनों और भीलवाड़ा के सिनेमा हॉल में चर्चित नाटक 'सखाराम मांडे' का जिक्र किया। उन्होंने गोपाल आचार्य के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भीलवाड़ा में रंगमंच का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। साक्षात्कार के अंत में उन्होंने सीआईडी का सिग्नेचर डायलॉग "कुछ तो गड़बड़ है सुनाकर समां बांध दिया।
तकनीक के साथ कदम मिलाते हुए गुप्ता ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अब वे नए एपिसोड्स की तैयारी के लिए एआइ और चेट जीपीटी का सहारा लेते हैं। "यह तकनीक गेमचेंजर है। मैं मोबाइल पर किताबें पढ़ता हूं और एआई की मदद से अपने किरदार की बारीकियों को समझता हूं। इससे न केवल समय बचता है, बल्कि अभिनय में गहराई भी आती है।"
Published on:
10 Jan 2026 09:09 pm
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