
पांच सौ सदस्यों का एक समूह शहर में जनसेवा कर रहा है इसे आगे बढ़ाने का जिम्मा उठाया है शांतिप्रकाश मोहता ने
भीलवाड़ा।
राजस्थान की लोक संस्कृति बचाने का काम हो या जरुरतमंदों की मदद। हर काम में रुचि ली। सेवा का जज्बा एेसा कि पंद्रह लोगों का समूह बना काम शुरू किया। अब लोग इतने जुड़ते गए कि पांच सौ सदस्यों का एक समूह शहर में जनसेवा के काम कर रहा है। इसे आगे बढ़ाने का जिम्मा उठाया है श्रीराम सेवा मंडल के अध्यक्ष शांतिप्रकाश मोहता ने।
शहर के आजाद मोहल्ला में रहने वाले मोहता मूलत: बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ के रहने वाले हैं और शहर में पिछले 40 सालों से रहते हैं। जब वे भीलवाड़ा में आए थे तब मारवाड़ी व शेखावाटी के परिवारों ने मिलकर श्रीराम सेवा मंडल का गठन किया। हर शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करते थे। इसके बाद समाजसेवा की अन्य गतिविधियों से जुड़ते गए। जरुरतमंद मरीजों को खून की जरूरत पडऩे पर पहले मोहता खुद आगे आते थे और इन्होंने 63 यूनिट रक्तदान किया। इस तरह संगठन के सहयोग से अब तक 17 हजार 334 यूनिट रक्तदान करा दिया है। इस मंडल को अब सामूहिक सुंदरकांड पाठ के लिए भी जाना जाता है। इन्होंने 2739 जगह सुंदरकांड का पाठ कराया है।
इसलिए बजाते हैं चंग
श्रीराम सेवा मंडल के सदस्य राजस्थान की संस्कृति को बचाने के लिए होली पर चंग भी करते हैं। यह आयोजन शहर के लोगों को भी खूब पसंद आता है। चंग बजाने के लिए पूरा समूह है। होली पर जब ये लोग चंग बजाते हैं तो यहां के लोग भी अब जुड़ रहे हैं।
हनुमान जयंती पर करा चुके हैं 45 भजन संध्या
मोहता ने बताया कि संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरि के नेतृत्व में हनुमान जयंती पर कार्यक्रम कराते हैं। अब तक हनुमान जयंती पर विभिन्न जगह 42 भजन संध्या करवा चुके हैं। गर्मी में लोगों को छाछ पिलाने का काम भी मंडल की ओर से किया जाता है। काढ़ा पिलाना, चिकित्सा शिविर लगाना आदि सेवा के काम किए जाते हैं। शहर में लोगों को तुलसी गमले भी बांटते हैं।
Published on:
12 Mar 2018 02:55 pm

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