
Holi colours started spreading in the market, shops selling colours and gulal were decorated
Bhilwara news : रंगों के पर्व होली में अभी 13 दिन का समय है, लेकिन बाजार पर त्योहार का रंग चढ़ने लगा है। शहर के प्रमुख बाजार में पिचकारी व रंग-गुलाल की दुकानें सज गईं हैं। किराना दुकानों पर तरह-तरह के पापड़ एवं चिप्स भी लोगों को अपनी तरफ आकर्षित कर रहे हैं। होली 13 मार्च को तथा धुलंडी 14 मार्च को मनाई जाएगी।
होली के बाजार में पहली बार आए इलेक्ट्रिक वाटर गन से रंग निकलेगा तो बम से गुलाल की वर्षा होगी। जो आसपास खड़े लोगों को होली के रंग में सराबोर कर देंगे। बाजार में बिक रहे स्माग फाक, कलर स्माग तथा स्माग फाउंटेन जैसे तरह-तरह के गुलाल भी त्योहार को खास बनाएंगे। शहर के प्रमुख बाजार में होली के रंग व पिचकारियों से सज चुके हैं। बच्चों को थ्रीडी, बार्बी डाल, स्पाइडर मैन तथा बटर फ्लाई पिचकारी भी आकर्षित कर रहे हैं। रंगों के त्योहार में चार-चांद लगाने के लिए पहली बार बाजार में आया मैजिक ग्लास भी लोगों को काफी भा रहा है।
हर्बल गुलाल का उपयोग बढ़ा
रंग-गुलाल व पिचकारी के थोक कारोबारी अभिषेक गोयल ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष होली के सामानों में काफी विविधता देखने को मिल रही है। कारोबारियों ने चार्जेबल इलेक्ट्रिक वाटर गन पहली बार बाजार में आई है। इस पिचकारी की कीमत 300 से 800 रुपए प्रति पीस है। इसमें रंग भरने के बाद ट्रिगर दबाते ही 15 से 20 फीट दूर खड़े व्यक्ति को रंग से सराबोर कर देगा। इसके अलावा सिलेंडर वाले गुलाल उपलब्ध है, जो लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। म्यूजिकल पंप 300 से 350 रुपए, इलेक्ट्रिक टैंक 500 से 550 रुपए में बाजार में उपलब्ध है। तोता गुलाल 500 ग्राम व 1 किलोग्राम के पैक में उपलब्ध है। हर्बल गुलाल को भी काफी पसंद की जा रही है। हर्बल गुलाल का उपयोग भी पिछले चार-पांच सालों से बढ़ा है। इसमें किसी तरह का केमिकल नहीं होने से सभी पसंद कर रहे है। इसके अलावा रंग-बिरंगे बाल, मास्क, चश्मे, बैंड को भी लोग खूब पसंद कर रहे है। ये सभी माल दिल्ली से मंगाए गए हैं। सामान्य पिचकारी से अलग हटकर हथौड़ा, कुल्हाड़ी, बाहुबली व मछली के शेप वाली पिचकारी लोगों को खूब भा रही है। यह 50 से 150 रुपए में बिक रही है।
रंग-बिरंगे चिप्स पापड़ भी बाजार में दी दस्तक
रंगों को त्योहार को खास बनाने के लिए बाजार में चटख रंग के साथ चिप्स, पापड़ के साथ तरह-तरह के नमकीन भी सजने लगे हैं। इस बार मशीन से बने उत्पादों की तुलना में घरों में बने चिप्स, साबुदाना पापड़ व आलू पापड़ बाजार में आए है। काशी का आलू पापड़, बीकानेरी व जोधपुर के मूंग का पापड़ तथा गुजरात के चिप्स बिक्री के लिए आ चुके हैं।
Published on:
06 Mar 2025 12:04 pm
बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
