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टीनशेड के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर नौनिहाल, सरकारी दावों की खुली पोल

– राजस्थान पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद सितंबर 2025 में स्कूल भवन को जमींदोज किया था नवगठित ग्राम पंचायत खेड़ाहेतम के जोरा का खेड़ा में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के मासूम छात्र-छात्राएं आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित होकर टीनशेड के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। विद्यालय भवन की छत जर्जर व […]

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Children forced to study under tin sheds, government claims exposed

Children forced to study under tin sheds, government claims exposed

- राजस्थान पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद सितंबर 2025 में स्कूल भवन को जमींदोज किया था

नवगठित ग्राम पंचायत खेड़ाहेतम के जोरा का खेड़ा में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के मासूम छात्र-छात्राएं आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित होकर टीनशेड के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। विद्यालय भवन की छत जर्जर व क्षतिग्रस्त होने के कारण 26 जुलाई 2025 को राजस्थान पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने सितंबर 2025 में स्कूल भवन को कंडम घोषित कर जमींदोज करवा दिया, लेकिन इसके बाद सरकार और शिक्षा विभाग की संवेदनहीनता ऐसी रही कि पांच महीने बीत जाने के बावजूद नए विद्यालय भवन के निर्माण के लिए आज तक कोई बजट स्वीकृत नहीं हुआ।

ग्रामीणों ने जुटाया 56 हजार का सहयोग

बच्चों की पढ़ाई बंद ना हो, इसके लिए ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से 56 हजार रुपए सहयोग राशि इकट्ठा कर टीन शेड लगवाया। वर्तमान में छात्र-छात्राएं तेज सर्दी बारिश और मौसम की मार सहते हुए उसी टीनशेड के नीचे बैठकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतने लंबे समय बाद भी शिक्षा विभाग या प्रशासन द्वारा स्कूल भवन स्वीकृत नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र ही नए विद्यालय भवन के निर्माण के लिए बजट स्वीकृत नहीं किया गया तो मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। नौनिहालों के भविष्य के साथ हो रही यह अनदेखी सरकारी शिक्षा सुधार के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

सरकार को प्रस्ताव भेज रखा है...

जिन स्कूलों को जमींदोज किया गया है, उनका प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है।

- गीता माहेश्वरी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, शाहपुरा

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