
विधायक रामलाल गुर्जर व पालिकाध्यक्ष कैलाशीदेवी खटीक में खींचतान
भीलवाड़ा।
आसीन्द नगरपालिका की ओर से लगाए जाने वाले दशहरे मेले को लेकर भाजपा में खींचतान तेज हो गई है। आसीन्द पालिकाध्यक्ष कैलाशीदेवी खटीक ने विधायक पर आरोप लगाया कि वे मेले के आयोजन में बाधा पहुंचा रहे हैं। व्यथित पालिकाध्यक्ष ने आत्महत्या की धमकी दी। इस पर आसीन्द विधायक रामलाल गुर्जर ने बुधवार शाम यहां सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता बुलाकर स्पष्ट किया कि दशहरा मेला आस्था का केन्द्र है। वे इसके विरोधी नहीं है। बल्कि मेले में सहयोग करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि स्वाइन फ्लू से क्षेत्र में चार मृत्यु हो जाने के बाद कुछ पार्षदों ने इस बारे में पालिका बोर्ड में आशंकाए जाहिर की थी। लेकिन मेले के आयोजन का अंतिम निर्णय नगरपालिका को ही करना है। इधर, विधायक से पालिकाध्यक्ष ने कहा कि मेले के उद़्घाटन में विधायक को नहीं बुलाया गया है।
गुर्जर ने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेषता के चलते उन्हें बदनाम किया जा रहा है जबकि पिछले चार दिन से आसीन्द में ही नहीं थे। उन्होंने कहा कि पालिकाध्यक्ष और वे एक ही पार्टी के है और कोई विरोध नहीं है। दशहरा मेला लगे या नहीं इसका निर्णय पालिका बोर्ड को करना था, लेकिन फिर भी उनका नाम इससे जोड़ा गया।
पालिका अध्यक्ष कैलाशीदेवी के अनुसार विधायक ने आगे होकर कभी भी किसी काम का विरोध तो नहीं किया, लेकिन कुछ सहवृत पार्षदों को आगे कर रखा है। इसके चलते एक साल से कस्बे में कोई भी काम नहीं हो पा रहा है। इस स्थिति से परेशान होकर ही आत्महत्या की धमकी दी थी। उन्होंने बताया कि दशहरा मेले का उद्घाटन गुरूवार सुबह ८ बजे हुआ। लेकिन इसमें विधायक रामलाल गुर्जर को नहीं बुलाया गया। जिसकी कस्बे में खासी चर्चा रही है। पालिका बोर्ड में भाजपा के १४ पार्षद है जबकि चार सहवृत पार्षदों को मनोनयन किया गया है। बोर्ड में कांग्रेस के पांच एवं एक निर्दलीय पार्षद है।
Updated on:
28 Sept 2017 12:40 pm
Published on:
28 Sept 2017 12:37 pm

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