
कोयला उत्पादन की रफ्तार धीमी! SECL तकनीकी निदेशक ने किया निरीक्षण, लक्ष्य से पीछे चल रहे हैं खदान...(photo-patrika)
जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में कई बड़े ऐलान हुए। काउंसिल ने खाने-पीने से लेकर कार, इंश्योरेंस और कई चीजों पर जीएसटी की दरें घटाई हैं। लेकिन कोयले पर जीएसटी बढ़ा दी है। कोयले पर जीएसटी बढ़ाने का असर उद्योगों पर पड़ेगा। कोयला 350 से 400 रुपए प्रति टन महंगा हो जाएगा। भीलवाड़ा में प्रति माह 60 हजार टन कोयले की खपत होती है। इसके कारण उद्योगों पर 2.10 से 2.40 करोड़ रुपए प्रति माह का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। जीएसटी काउंसिल ने 3 सितंबर को कोयला और लिग्नाइट पर टैक्स 5 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी कर दिया, लेकिन साथ ही 40 फीसदी का कंपनसेशन सेस हटा दिया। सरकार ने साफ किया है कि इस फैसले से बिजली महंगी नहीं होगी।
व्यापारी का मानना है कि टैक्स दर बढ़ने के बावजूद मुआवजा सेस हटने से कोयला आधारित पावर प्लांट की लागत थोड़ी बढेगी। कोयले पर सेस हटने से बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को फायदा होगा और बिजली सप्लाई लागत प्रति यूनिट कम हो सकती है। बदलाव से लगभग 350 से 400 रुपए प्रति टन का अधिक खर्चा आएगा। इससे बिजली उत्पादन की लागत प्रति यूनिट बढ़ सकती है। सरकार ने टैक्स रेट बढ़ा दिया है, लेकिन इनपुट टैक्स क्रेडिट का पूरा फायदा मिल सकता है।
उद्योगों को होगा फायदा
सरकार ने कहा कि पहले कोयले पर 5 फीसदी जीएसटी प्लस 400 रुपए प्रति टन सेस लगता था। अब सेस हटाकर जीएसटी में मिला दिया है। इसका मतलब है कि उपभोक्ता पर कोई ज्यादा बोझ नहीं पड़ेगा।
- राजेन्द्रसिंह भाटी, कपड़ा प्रोसेस इकाई
उद्योग को मिलने वाले लाभ
इस निर्णय से सबसे बड़ा लाभ तरलता में सुधार के रूप में मिलेगा। अब रिफंड में अटकने वाली राशि सीधे समायोजित हो सकेगी। इससे मिलों को कार्यशील पूंजी उपलब्ध रहेगी और ब्याज लागत घटेगी।
- सीए निर्भीक गांधी, रीजनल काउंसिल मेम्बर, सेंट्रल रीजन
दीपावली का उपहार
जीएसटी में बदलावों के साथ, देश के आर्थिक परिदृश्य में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। यह बदलाव देश की अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में मदद करेंगे।
- रागिनी गुप्ता, प्रैक्टिशनिंग कंपनी सेक्रेटरी
कोयले पर जीएसटी 5 से बढ़ाकर 18 करने से उद्योगों व पावर प्लांट उद्योगों पर हर माह 2 से 2.50 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा। क्योंकि कोयला 350 से 400 रुपए टन महंगा होगा।
- मोहित सरीन, कोयला व्यापारी
कैपिटल गुड्स की जीएसटी का होगा उपयोग
यार्न पर 5 प्रतिशत जीएसटी होने से 7 प्रतिशत की बचत होगी, उद्यमी का इन्वेस्टमेंट कम हो जाएगा। इससे टर्नओवर बढ़ सकेगा। सर्विसेज की जीएसटी का रिफंड पूरा नहीं मिलता था, उसका पूरा उपयोग हो सकेगा। कैपिटल गुड्स की जीएसटी का भी उपयोग हो सकेगा।
- संजीव चिरानिया, उद्यमी
Published on:
04 Sept 2025 10:42 pm
बड़ी खबरें
View Allभीलवाड़ा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
