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Budget-2022: इनकम टैक्स में मिले 5 लाख तक छूट, कोरोना खर्च शामिल हो

आम बजट एक फरवरी को

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Budget-2022: इनकम टैक्स में मिले 5 लाख तक छूट, कोरोना खर्च शामिल हो

Budget-2022: इनकम टैक्स में मिले 5 लाख तक छूट, कोरोना खर्च शामिल हो

Budget-2022: भीलवाड़ा .वर्ष 2022-23 का आम बजट एक फरवरी को आएगा। व्यापारी और नौकरी पेशा लोगों की अपेक्षा है कि टैक्स फ्री इनकम का दायरा बढ़ाया जाए। अभी 2.50 लाख तक की सालाना इनकम ही टैक्स फ्री है। महंगाई को देखते सीमा बढ़ाकर 5 लाख करनी चाहिए।

सीए पीरेश जैन ने बताया कि 8 साल से 2.50 लाख तक की इनकम पर ही छूट है। इस बार सरकार को यह स्लैब 5 लाख रुपए करना चाहिए। महंगाई लगातार बढ़ रही है। पार्टनरशिप फर्म है तो इनकम पर 30 फीसदी टैक्स वसूला जाएगा। टैक्स दर कम की जाए। हर वर्ग से अप्रत्यक्ष कर भी वसूला जा रहा है। ऐसे में अधिकतम टैक्स सीमा को घटाकर 20 फीसदी के स्लैब में लाना चाहिए।

ऋण ब्याज में व्यापारियों को छूट मिले
व्यापारियों का कहना है कि बीते 2 साल में कोरोना ने लघु और मध्यम स्तरीय व्यापारियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। सबसे अधिक रोजगार यही सेक्टर देता है। सरकार को चाहिए कि ऋण ब्याज माफ की जाए। होम लोन में छूट बढ़ाई जाए। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) का निर्धारण जीएसटी काउंसिल से किया जा रहा है। जीएसटी को बजट में शामिल करने से आमजन को भी पता चल सकेगा कि सरकार को इससे कितना राजस्व प्राप्त हो रहा है। आमजन को भी इससे सहूलियत मिल सकेगी।

धारा 80 (सी) के तहत डिडक्शन लिमिट बढ़े
अशोक बाहेती ने बताया कि फिलहाल 80 (सी) के तहत डिडक्शन की लिमिट को 1.50 लाख रुपए रखा गया है। ये राशि बहुत कम है। सरकार को इसे बढ़ाकर 3 लाख किया जाना चाहिए। होम लोन में ब्याज की छूट की राशि भी 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 4 लाख होनी चाहिए। जिससे व्यापारियों को कुछ लाभ मिल सकेगा।

एफडी के ब्याज पर टैक्स छूट मिले
सीए शशांक गांधी का कहना है कि जो वेतन भोगी लोग हैं उनको इनकम टैक्स की गणना के समय स्टैंडर्ड डिडक्शन में 50 हजार रुपए तक की छूट मिलती है। इसे बढ़ाकर 1 लाख रुपए किया जाए। नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) में भी यदि कोई व्यक्ति निवेश करना चाहता है, तो वर्तमान में केवल 50 हजार तक की छूट मिलती है। इसे बढ़ाकर 1 लाख किया जाए। एफडी और सेविंग बैंक खाते में जमा राशि से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स छूट की राशि को 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार किया जाए। अभी यह सुविधा केवल वरिष्ठ नागरिकों के लिए है।

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