
सात माह में भी शाहपुरा में कानून के रखवालों को नहीं मिली ठौर
राजस्थान में नवगठित शाहपुरा जिले को अस्तित्व में आए सात माह हो गए, लेकिन सृजित हुए नए जिला मुख्यालय पर सरकारी महकमों को स्थाई ठौर नहीं मिल सका है। अधिकांश विभाग जुगाड़ के भवन के सहारे चल रहे। इनमें जिले का सबसे बड़ा पुलिस महकमा भी शामिल है। Law keepers did not find shelter in Shahpura even in seven months
शाहपुरा जिला मुख्यालय पर दो पुलिस अधीक्षक बदले जाने के साथ तीन पुलिस अधीक्षक की तैनाती हो चुकी है। एएसपी व डिप्टी भी बदले जा चुके है। विधानसभा चुनाव के बाद अब लोकसभा चुनाव होने वाले है, लेकिन जिले की शांति एवं कानून व्यवस्था का जिम्मा संभाल रही पुलिस के अधिकांश कार्यालय जुगाड़ पर टिके है।
नहीं किसी का स्थायी ठौर
पुलिस अधीक्षक से लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उपाधीक्षक के पास स्वयं का कार्यालय नही हैं। ना ही स्वयं का आवास परिसर। शाहपुरा थाना परिसर को छोड़ कर महकमे के सभी विभाग अन्य विभागों के भवन में संचालित है।
रिकार्ड रूम में चल रहा एसपी दफ्तर
पुलिस अधीक्षक कार्यालय, राजस्व विभाग के पुराने रिकार्ड रूम में संचालित है। इस भवन में पूर्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का कार्यालय हुआ करता था। जिला बनने के बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय यहां स्थानांतरित हो गया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अभी दो उपनिरीक्षक, पांच सहायक उपनिरीक्षक, पांच हैडकांस्टेबल व 28 कांस्टेबल समेत कुल 40 का स्टाॅफ है।
तहसील भवन में एएसपी भवन
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का कार्यालय तहसील भवन में था। अब उपखंड कार्यालय के ऊपर पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय में संचालित हो रहा। जबकि पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय अब तहनाल गेट के बाहर बने नगर परिषद के सामुदायिक अम्बेडर भवन में काम कर रहा है।
14 किलोमीटर दूर ढिकोला में पुलिस लाइन
शाहपुरा रिजर्व पुलिस लाइन के लिए जिला मुख्यालय पर पर्याप्त जगह नहीं मिली। लाइन अभी शाहपुरा से 14 किलोमीटर दूर ढिकोला उप तहसील भवन में संचालित है। यातायात पुलिस के लिए भी अभी तक कोई भवन उपलब्ध नही हो पाया है। कस्बा चौकी भी नगर पालिका की धर्मशाला भवन में चल रही है। पुलिस अधीक्षक व एएसपी का आवास को भी स्थाई ठौर नहीं मिल सका है।
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जिला बना है तो सुविधा भी जुटेगी
पुलिस विभाग, अधिकारियों के निवास, रिजर्व पुलिस लाइन के लिए क्षेत्र में भूमि का चयन अभी होना है। जिला बनने के बाद पुलिस विभाग के पास औऱ भी प्रभार बढ़ गया है। साइबर, क्राइम शाखा, महिला थाना ऐसे औऱ भी विभाग खुलने है। जिला बनाया है तो सरकार सब अच्छा करेगी। अब सब आचार संहिता हटने के बाद ही सम्भव हो पाएगा।
- राजेश कांवट, पुलिस अधीक्षक, शाहपुरा
Published on:
26 Mar 2024 08:47 am

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