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जेल में बंदी के बिस्तर में बजा मोबाइल

राजस्थान में जेल प्रशासन भले ही जेल की सुरक्षा व्यवस्थाओं के चाक-चौबंद होने का दावा करता है, लेकिन कुछ जिलों में बार-बार जेल की सुरक्षा में सेंध मारकर बंदियों तक प्रतिबंधित सामग्री पहुंच रही है। चित्तौड़गढ़ के जिला जेल में महज एक माह के दौरान फिर एक बैरक में बंदी के पास मोबाइल मिला है।

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जेल में बंदी के बिस्तर में बजा मोबाइल

जेल में बंदी के बिस्तर में बजा मोबाइल

राजस्थान में जेल प्रशासन भले ही जेल की सुरक्षा व्यवस्थाओं के चाक-चौबंद होने का दावा करता है, लेकिन कुछ जिलों में बार-बार जेल की सुरक्षा में सेंध मारकर बंदियों तक प्रतिबंधित सामग्री पहुंच रही है। जबकि जेल में प्रवेश से पहले तलाशी ली जाती है। चित्तौड़गढ़ के जिला जेल में महज एक माह के दौरान फिर एक बैरक में बंदी के पास मोबाइल मिला है।

जानकारी के अनुसार जिला जेल में कारापाल विकास बागोरिया, उप कारापाल अशोक पारीक, मुख्य प्रहरी चरण सिंह ने जेल की विभिन्न बैरकों में तलाशी ली। तलाशी के दौरान चार नंबर बैरक में बंद बाड़मेर जिले के गीदा निवासी धन्नाराम जाट के बिस्तर के पास मोबाइल मिला। धन्नाराम को निकुंभ थाना पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में इसी मार्च में गिरफ्तार किया था।

जेल प्रहरी मनोज शर्मा ने इस संबंध में कोतवाली थाने में रिपोर्ट देने के साथ ही बैरक में मिला मोबाइल पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया है। गौरतलब है कि जिला कारागृह में दस-बारह दिन पहले ही तलाशी के दौरान बंदियों के पास तीन मोबाइल पाए गए थे। जबकि जेल में प्रवेश से पहले तलाशी ली जाती है। ऐसे में कहीं न कहीं मिलीभगत की आशंका पैदा हो रही है।

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