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राजस्थान के इस जिले में मिले वर्षों पुराने चांदी के सिक्के, लूटने के लिए लगी भीड़

भीलवाड़ा के आगरिया गांव में तालाब की पाल पर वर्षों पुराने चांदी के सिक्के मिलने की सूचना पर सिक्के ढूंढने के लिए ग्रामीण उमड़े पड़े। देखते ही देखते लोगोे ने तालाब की पाल को कुरेद दिया।

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भीलवाड़ा के आगरिया गांव में तालाब की पाल पर वर्षों पुराने चांदी के सिक्के मिलने की सूचना पर सिक्के ढूंढने के लिए ग्रामीण उमड़े पड़े। देखते ही देखते लोगोे ने तालाब की पाल को कुरेद दिया।

ग्रामीण अंकित पारीक के अनुसार तालाब की पाल के किनारे भगवानपुरा सड़क मार्ग की ओर दोपहर बाद ग्रामीण इंद्र भगवान की पूजा अर्चना करने के लिए गए थे। कुछ लोग तालाब की पाल खोद रहे थे। ग्रामीणों को देखकर वहां से वे लोग निकल गए तथा कुछ देर बाद ही वापस आकर खुदाई करने लगे। वहां जाकर पता किया कि ग्रामीण तालाब की पाल की खुदाई क्यों कर रहे हैं। इस पर मामला चांदी के सिक्कों का निकला। मौके पर वे लोग चांदी के सिक्के निकाल रहे थे ।तालाब की पाल पर चांदी के सिक्के निकलने की सूचना गांव में आग की तरह फैल गई फिर क्या बड़ी संख्या में बच्चे बुजुर्ग और ग्रामीण भी चांदी के सिक्के तालाब की पाल से एकत्रित करने के लिए उमड़ पड़े ।
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तालाब की पाल कुरदने पर चांदी के सिक्के मिल जाने पर दौड़ कर खुशी से घर लेकर जा रहे थे। देर शाम तक लोग तालाब की पाल को से चांदी के सिक्के लेने के लिए मिट्टटी को कुरेद कर सिक्के लेने कि मस्कत कर रहे थे। अब तक करीब 100 सिक्के ग्रामीणों को मिले हैं।
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आजादी के पहले के सिक्के
तालाब की पाल पर जो सिक्के मिले हैं उन पर वर्ष 1916 लिखा हुआ है यानी आजादी के पहले के वर्षों पुराने सिक्के बताए गए हैं। यह बात भी सामने आई कि दो-तीन साल पहले गांव के ही कुछ लोगों के पुराने मकान ढहा कर नए बनाए गए थे। इनका मलवा तालाब की पर डाला गया था। कयास लगाया जा रहा है कि डाले गए मलबे में ही चांदी के सिक्के थे।