राजस्थान में मई की दुपहरी में अब बारिश नहीं वरन लू की लपटें उठ रही है। भीलवाड़ा व चित्तौड़गढ़ जिले की धरा भी सूर्य देव के रौद रूप दिखाने से तपने लगी है। दोनों जिलों का पारा अब 42 डिग्री को पार कर चुका है। शुक्रवार को भी गर्मी के तेवर तीखे रहे है।
राजस्थान में मई की गर्मी में ठंड का अहसास का मौसम अब अलविदा हो चुका है। मौसम फिर पुरानी रंगत में लौट आया है। दुपहरी में अब बारिश नहीं वरन लू की लपटें उठ रही है। भीलवाड़ा व चित्तौड़गढ़ जिले की धरा भी सूर्य देव के रौद्र रूप दिखाने से तपने लगी है। दोनों जिलों का पारा अब 42 डिग्री को पार कर चुका है। शुक्रवार को भी गर्मी के तेवर तीखे रहे है।
प्रदेश में गत कुछ दिनों से कभी गर्मी तो कभी सामान्य मौसम से जहां आम आदमी राहत महसूस कर रहा था वहीं गुरुवार को अचानक शुरू हुए लू के थपेड़ों ने आम आदमी का हैरान कर दिया। लू एवं गर्मी के कारण भीलवाड़ा व चित्तौड़गढ़ शहर में दोपहर 12 बजे तक शहर की सड़कों पर सूनापन छा गया। वहीं तेज गर्मी के कारण लोग बेहाल हो गए। ऐसे में बाजार में शीतल पेय की दुकानों पर लोागों को राहत लेते हुए देखा गया।
शहर में तापमान 42 डिग्री के पार पहुंच गया। गर्मी का अहसास सुबह करीब 8 बजे से ही शुरू हो गया। सुबह दस बजे के करीब गर्म हवाओं का दौर शुरू हो गया। दस बजे से ही लोगों को गर्म हवाएं चुभने लगी। दोपहर 12 बजे बाद तो लू के थपेड़े शुरू हो गए।
गर्मी के अचानक बढऩे के कारण लोगों ने राहत पाने के लिए शीतल पेय पदार्थो का सहारा लिया। ऐसे में गन्ने की रस की चरखी और छाछ राबड़ी के ठेलों पर खासी भीड़ रही। लोगों ने छाछ, राबड़ी पीकर गर्मी से राहत पाने का प्रयास किया।
गर्मी के कारण दोपहर को शहर की सड़कों पर सूनापन छा गया। इस दौरान गिनती के लोग ही सड़कों पर नजर आए। वहीं दुकानों एवं मकानों में लोग कूलर एवं एसी चलाकर गर्मी से राहत लेते हुए नजर आए।