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पितृपक्ष में चल रहे हैं दान-पुण्य के दौर, पेड़ लगाने का भी लें पुण्य लाभ

भीलवाड़ा. इन दिनों पितृपक्ष के दौरान लोग भोजन सहित कपड़े और अन्य वस्तुओं के दान आदि का दौर जारी है। अपनों की स्मृति में पौधरोपण की भी महत्ता है।

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पितृपक्ष में चल रहे हैं दान-पुण्य के दौर, पेड़ लगाने का भी लें पुण्य लाभ

पितृपक्ष में चल रहे हैं दान-पुण्य के दौर, पेड़ लगाने का भी लें पुण्य लाभ

भीलवाड़ा. इन दिनों पितृपक्ष के दौरान लोग भोजन सहित कपड़े और अन्य वस्तुओं के दान आदि का दौर जारी है। अपनों की स्मृति में पौधरोपण की भी महत्ता है। इससे पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बनने का भी पुण्य मिलता है। अश्विन मास के पितृपक्ष पखवाड़े में पूर्वजों को याद किया जा रहा है। परिजन अपने पितरों की शांति के लिए नियत तिथि को उनकी स्मृति में तर्पण कर पुरोहितों, काग श्वान, गायों को भोजन-चारा, वस्त्र और अन्य सामग्री दान दे रहे हैं। पितरों की चिर स्मृति के लिए पौधरोपण भी बहुत अहम है।

यहां से ले सकते हैं पौधे
प्रियजन की स्मृति में पौधे लगाने हों तो वन विभाग की हरणी महादेव या आरजिया स्थित नर्सरी और अन्य प्राइवेट नर्सरी से पौधे लिए जा सकते हैं। यह पौधे छायादार और फलदार पौधे 2 से 5 फीट ऊंचाई तक उपलब्ध रहते हैं।

संस्थाएं भी करती हैं मदद
कई संस्था के माध्यम से प्रियजन की स्मृति अथवा जन्मदिन पर पौधरोपण किया जा सकता है। रींग रोड व उद्यान सहित विभिन्न कॉलोनियों, आवासीय इलाकों में सघन पौधरोपण से फायदा मिलता है। हरित पितृ संस्कार में लोग पूर्वजों की याद में पौधे लगा सकते हैं। लोग स्वयं अथवा संस्था के माध्यम से देखरेख कर सकते हैं।

पौधे पर लगाएं तख्ती
पर्यावरण प्रेमी बाबू लाल जाजू ने बताया कि प्रियजन की स्मृति में पौधे लगाकर तख्ती भी लगाई जा सकती है। इससे पौधे लगाने वाले व्यक्ति का पर्यावरण और पौधे के प्रति स्नेह और जिम्मेदारी वाला भाव रहता है। वहीं पौधे लगाने से जहां धरा पर हरियाली बढ़ती है साथ ही ऑक्सीजन उपलब्धता रहती है।

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