
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/भीलवाड़ा। Rajasthan Assembly Election 2023: काछोला व मानपुरा समेत 16 पंचायतों को शाहपुरा जिले में शामिल करने की घोषणा से मांडलगढ़ विधानसभा क्षेत्र की जनता व जनप्रतिनिधियों ने फिर आंदोलन का रूख कर लिया। क्षेत्र के सरपंचों और कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ करीब सौ जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोविंद डोटासरा व राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर रंधावा को इस्तीफा भेजा दिया है। कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि इन पंचायतों को भीलवाड़ा जिले में शामिल नहीं किया तो इस्तीफा स्वीकार करें। उन्होंने मांग पूरी नहीं करने पर विधानसभा चुनाव के बहिष्कार तथा उम्मीदवारों को गांव में नहीं घुसने देने की चेतावनी दी।
इस सम्बंध में गुरुवार को मांडलगढ़ क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की भीलवाड़ा सर्किट हाउस में बैठक हुई। उसके बाद पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष रामपाल शर्मा ने कहा कि 16 पंचायतों को शाहपुरा जिले में शामिल करने पर क्षेत्र के लोग राजी नहीं है। पंचायतों को इसमें शामिल नहीं करने को लेकर सरपंच संघ ने धरना दिया था।
मांडलगढ़ बंद रखा व लम्बा आंदोलन चला। दो बार भीलवाड़ा आए मुख्यमंत्री से संघर्ष समिति मिली। सीएम को जनभावना से अवगत कराया। इसके बाद भी इन 16 पंचायतों को शाहपुरा जिले में ही रखने का आदेश ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने जारी किया। इससे क्षेत्रवासियों में रोष है।
शर्मा ने कहा कि जन भावना का सरकार ने ध्यान नहीं रखा। सरकार के आश्वासन के बाद ही सरपंचों ने धरना समाप्त किया था। मांग पूरी नहीं होने से क्षेत्र के लोग फिर से आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर हैं। जिला बनाने से पहले सर्वे होना चाहिए। व्यक्ति विशेष के दबाव में निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए। संघर्ष समिति अध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि इस मामले को लेकर सभी जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। उसमें इस्तीफा देने का निर्णय लिया। सभी सरपंचों और कांग्रेस पदाधिकारियों ने इस्तीफा सीएम को भेज दिया। मांग पूरी नहीं होने पर इस्तीफा स्वीकार करने और चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। इस दौरान पूर्व प्रधान कन्हैयालाल जाट, मांडलगढ़ प्रधान जितेन्द्र मूंदड़ा, पूर्व उपप्रधान भैरूलाल जाट, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष शिव कुमार त्रिपाठी आदि मौजूद थे।
ग्रामीण होर्डिंग व बैनर लगाकर जता रहे विरोध
काछोला की तहसील क्षेत्र की 16 पंचायतों को शाहपुरा जिले में सम्मिलित करने के मामले को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों में भारी रोष देखा गया। अपनी मांग को लेकर लोगों ने गांवों में जगह जगह मतदान के विरोध में बड़े होर्डिंग व बैनर लगा दिए हैं। मानपुरा सरपंच चंदा देवी प्रजापत, मांडलगढ़ संघर्ष समिति के अध्यक्ष महावीरप्रसाद पाराशर ने बताया कि हम सरकार से किसी प्रकार के विकास के लिए धन नहीं मांग रहे। हम पूर्व की भांति भीलवाड़ा जिले में ही रहना चाहते हैं । मानपुरा, रलायता, दौलपुरा, जसूजी का खेड़ा पंचायत के ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार करने को लेकर शपथ ली एवं पंचायत स्तर पर प्रदर्शन कर रोष प्रकट किया ।
Published on:
29 Sept 2023 12:17 pm

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