
जहाजपुर : स्वच्छ पानी में तैराएंगे सुकून-शांति का जहाज
आकाश माथुर
कुछ माह पहले गैंगरेप के बाद किशोरी को भट्टी में फूंक देने एवं स्टाम्प पर बेटियों को बेच देने जैसी घटनाएं जहाजपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए बुरे सपने से कम नहीं थी। घटनाओं का जिक्र आते ही लोग उद्वेलित हो रहे हैं। अनगिनत अभावों व समस्याओं को झेलने के बावजूद क्षेत्र के लोग विधानसभा चुनाव को लेकर चुप्पी साधे हैं। लोग राजनीतिक प्रपंच से दूर रहना चाहते हैं। लेकिन इतना जरूर है कि जहाजपुर की जनता के मन में कुछ न कुछ तो मंथन चल रहा है।
पिछले विधानसभा चुनाव की तरह इस चुनाव में भी जहाजपुर में पुराने खिलाड़ी ही जंग में उतरे हैं। कांग्रेस ने धीरज गुर्जर को प्रत्याशी बनाया है तो भाजपा से विधायक गोपीचंद मीणा पुन: मैदान में उतरे हैं। मुकाबला आमने-सामने का है। लेकिन खेमेबंदी के बावजूद अधिकतर मतदाता खामोश नजर आ रहे हैं। इस बार भी जहाजपुर उसी राह पर खड़ा है, जहां पर जनता को यह निर्णय करना है कि क्षेत्र की उम्मीदों के जहाज को किस दिशा में मोडऩा है। हवा के रूख को देख-परख रहे हैं। क्योंकि यहां की जनता को हवा के विपरित व हवा के संग जहाज चलाने का अनुभव भी पहले से हैैं।पत्रिका संवाददाता ने जहाजपुर, पंडेर, कोटड़ी, पींपलूंद सहित अन्य गांवोंं में लोगों से चुनाव पर चर्चा की तो उन्होंने अपनी राय खुलकर नहीं रखी। लेकिन कुछ मतदाताओं ने साफ कहा कि जहाजपुर क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा और बजरी व अवैध खनन माफियाओं से भय मुक्त माहौल चाहिए। जहाजपुर में सबसे बड़ी समस्या बस स्टैंड की है। आबादी के बीच बस स्टैंड होने से यहां दिनभर जाम से लोग परेशान है। इसे आबादी से दूर बनाने, कन्या महाविद्यालय खोलने, बड़े उद्योग धंधे लगाने, सिंचाई के लिए बड़ा बांध बनवाने, ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों में सुधार की उम्मीद क्षेत्र के मतदाताओं को है।
इसी तरह से कोटड़ी में बड़ी समस्या भारी वाहनों के कस्बे से होकर गुजरने की है। जयपुर-जहाजपुर की ओर से आ रहे भारी वाहन कोटड़ी के मध्य से होकर गुजरते हैं। इससे यहां दिनभर जाम रहता है। लोग बाइपास निर्माण महत्ती आवश्यकता बता रहे हैं। इसके अलावा बस स्टैंड पर टॉयलेट तक नहीं है। इससे महिलाएं शर्मसार होती है।
बोले वोटर-
यहां बजरी माफिया हावी है। यहां रोजगार के साधन स्थापित करने की जरूरत है। खनिज सम्पदा से भरपूर क्षेत्र है। यहां विकास की जरूरत है। जनप्रतिनिधि तालमेल के साथ काम करें तो यह औद्योगिक नगरी बन सकती है। इसके अलावा यहां मंडी निर्माण की आवश्यकता है। बदहाल बस स्टैंड की सुधार की जरूरत है।
-शंकरलाल धाकड़, जहाजपुर
पिछले तीन दशक में कोटड़ी के विकास की अनदेखी हुई है। कोटड़ी में बाइपास निर्माण की जरूरत है। इसके अलावा कोटड़ी बस स्टैंड अतिक्रमण की चपेट में है। यहां मूलभूत सुविधा की जरूरत है। चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि ध्यान नहीं देते। इससे जनता में रोष है। बड़े उद्योग-धंधे लगने चाहिए। इससे रोजगार के साथ यहीं पर उपलब्ध हो सकें।
-देवकरण माली, कोटड़ी
क्षेत्र के तीन बड़े मुद्दे-
-बनास नदी से बजरी के अत्यधिक दोहन व अवैध खनन को रोका जाएं। नदी के संरक्षण की दरकार है।
-महिलाओं व बालिकाओं की सुरक्षा के लिए कानून की सख्ती से पालना हो। अपराधिक गविविधियों पर अंकुश लगे
-क्षेत्र में भय मुक्त वातावरण बने और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के जरिए रोजगार के साधन उपलब्ध कराएं।
प्रत्याशियों के वादे
-स्थानीय स्तर पर रोजगार के विकल्प स्थापित किए जाएंगे।
-शिक्षा को सुदृढ के लिए जहाजपुर में कन्या महाविद्यालय खोला जाएगा।
-क्षेत्र में सडक, शिक्षा, स्वच्छ जल, खेल मैदान व चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने का वादा।
अब तक कांग्रेस का पलड़ा भारी
आजादी से लेकर अब तक हुए 15 बार के विधानसभा चुनाव में जहाजपुर में कांग्रेस का वर्चस्व ज्यादा रहा। यहां 10 बार कांग्रेस और 3 बार भाजपा ने जीत दर्ज कराई। एक-एक बार जनता पार्टी व जनता दल जीत का परचम फहराया।
वर्ष 2018 चुनाव परिणाम-
गोपीचंद मीणा
94970
धीरज गुर्जर
81717
जीत का अंतर- 13253
जहाजपुर विस : फैक्ट
कुल बूथ- 257
कुल मतदाता- 247270
पुरुष- 121119
महिला- 126151
चुनाव मैदान में प्रत्याशी- 7
Published on:
18 Nov 2023 04:37 pm
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