
गहलोत ने पूर्व मंत्री की जिंदादिली की चर्चा की
भीलवाड़ा।
कांग्रेस सरकार के पूर्व मंत्री एवं खादी-ग्रामोद्योग बोर्ड एवं भूदान बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके रतनलाल तांबी का अंतिम संस्कार जहाजपुर में बनास किनारे किया गया। वे मूलत: जहाजपुर के पास पंडेर के निवासी थे। जयपुर में तांबी का निधन हुआ था। अंतिम संस्कार में उनके चारों बेटों ने मुखाग्नि दी।
अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीपी जोशी, स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर, संभागीय आयुक्त कुंजीलाल मीणा, आइजी संजीव नार्जरी, जिला कलक्टर राजेंद्र भट्ट, जिला पुलिस अधीक्षक हरेंद्र महावर आदि ने भाग लिया। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा, तांबी जिंदादिल इंसान थे।
वे इस उम्र में भी आमजन की समस्या लेकर मुझे फोन करते थे। जहाजपुर क्षेत्र से खासा लगाव था। वे कई बार मुझे पत्र लिखते थे और उनकी हर समस्या को गंभीरता से भी लिया। शुक्रवार को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में मिलकर आया था। तांबी अच्छे राजनेता थे और स्वच्छ राजनीति के पैरोकार थे।
तांबी के निधन पर पंडेर कस्बा बंद रहा। जहाजपुर में अंतिम यात्रा के समय व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे। विधायक रामलाल जाट, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामपाल शर्मा, संगठन महासचिव महेश सोनी, पूर्व विधायक विवेक धाकड़, उद्योगपति रामपाल सोनी, पूर्व जिला प्रमुख कन्हैयालाल धाकड़, यूआइटी के पूर्व चेयरमैन अक्षय त्रिपाठी, वंदना माथुर, कल्याण मीणा, भूमि विकास बैंक के पूर्व चेयरमैन चेतन डिडवानिया, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष रामकुंवार मीणा, सेवादल अध्यक्ष अनिल उपाध्याय, बाबूलाल मीणा आदि मौजूद थे। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया की ओर से जिलाध्यक्ष लादूलाल तेली, विधायक गोपीचंद मीणा, प्रधान शिवजीराम मीणा,पूर्व मंत्री कालूलाल गुर्जर ने पुष्पचक्र चढ़ाया।
सरपंच से मंत्री का सफर
तांबी ने अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत पंडेर सरपंच से की। फिर जहाजपुर के प्रधान भी रहे। 1977 में पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ा और हार गए। 1980 में निर्दलीय विधायक बने। 1985 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने। 1995 में फिर निर्दलीय विधायक बने। 1995 में कांग्रेस के टिकट पर जीते। अंतिम चुनाव 2013 में लड़ा। तांबी हरदेव जोशी मंत्रिमंडल में ऊर्जा राज्यमंत्री रहे। गहलोत सरकार के पिछले कार्यकाल में भूदान बोर्ड के अध्यक्ष रहे थे।
Published on:
19 Jan 2020, 5:46 PM IST
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