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गरीब बनकर 130 विद्यार्थियों ने लिया वजीफा, अब वसूली कर रही सरकार

उच्च शिक्षा के लिए गरीब बनकर सरकार से वजीफा लेने का मामला सामने आया है

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उच्च शिक्षा के लिए गरीब बनकर सरकार से वजीफा लेने का मामला सामने आया है। कागजों में परिजनों की आय कम दिखाकर छात्रवृत्ति उठा ली

भीलवाड़ा।

उच्च शिक्षा के लिए गरीब बनकर सरकार से वजीफा लेने का मामला सामने आया है। कागजों में परिजनों की आय कम दिखाकर छात्रवृत्ति उठा ली। खेल पूरे प्रदेश में चला। कुल 6 हजार मामले पकड़ में आए।भीलवाड़ा जिले में 130 विद्यार्थियों ने गलत ढंग से वजीफा उठा लिया। अब सरकार वापस वसूली कर रही है।

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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने एेसे छात्रों से छात्रवृत्ति की राशि वापस वसूलने तथा जमा नहीं कराने पर मुकदमा दर्ज करने केआदेश दिए हैं।राजस्थान पत्रिका ने मामले में पड़ताल की तो सामने आया कि भीलवाड़ा में 130 स्टुडेंट ने गलत तथ्य पेशकर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से उत्तर मेट्रिक छात्रवृत्ति ली।

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नियम है कि परिवार की वार्षिक आय ढाई लाख से कम होने पर ही पात्र होगा लेकिन 130 स्टूडेंट्स ने कम आय के दस्तावेज लगा छात्रवृत्ति उठा ली। अब 104 छात्रों से 11 लाख रुपए वसूल लिए। इसमें 33 छात्रों से वसूली नहीं जा सकी है क्योंकि आय का नया शपथ पत्र पेश कर दिए।


मोबाइल आ रहे बंद
फर्जी छात्रवृत्ति लेने में लड़कियां भी है। अब इन अभ्यर्थियों के मोबाइल बंद आ रहे हैं। कई अभ्यर्थियों की सरकारी नौकरी लग चुकी है। अब विभाग पता लगाकर इनके मूल विभाग को पत्र लिख रहा है।

आधार से खुला राज
फर्जीवाड़ा का यह मामला तब उजागर हुआ जब राज्य सरकार ने लाभार्थियों के बैंक खाते आधार कार्ड से लिंक कराए। छात्रों के लिए जुलाई 2017 से ही किए जाने वाले आवेदन में आधार कार्ड के नंबर देना जरूरी किया था।

नए सत्र में यह बदलाव
छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़ा रोकने को बदलाव किए हैं। सरकारी, अनुदानित व निजी कॉलेजों में फीस ऑनलाइन ही जमा होगी। छात्रों का पूरा रिकॉर्ड आधार से जुड़ा होने से छात्रवृत्ति संबंधी स्थिति एक क्लिक पर स्पष्ट हो जाएगी। नए सत्र से किसी भी कॉलेज में छात्रों को एडमिशन तभी मिलेगा, जब बैंक खाता आधार से लिंक हो और नेट बैंकिंग की सुविधा हो। बगैर इसके प्रवेश मुश्किल होगा।

यह दस्तावेज अनिवार्य
उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाके लिए ईमेल, फेसबुक अकाउंट, भामाशाह कार्ड, आधार, आय प्रमाण पत्र, मूल निवास, शादी व मृत्यु एवं तलाकशुदा प्रमाणपत्र, 10 वी की अंक तालिका, शुल्क रसीद, बीपीएल प्रमाण पत्र व अंत्योदय कार्ड सहित दस्तावेज संबंधित छात्र-छात्राओं को आवेदन के साथ अनिवार्य रूप से देने होंगे।

छात्रृवत्ति को खाते से लिंक कराने के बाद यह गड़बड़ी उजागर हुई है। अब तक 130 में से 104 छात्रों से 11 लाख रुपए वसूल लिए। 26 अपात्र छात्र है, जिन्होंने राशि जमा नहीं कराई, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश विभाग से मिले
शरद शर्मा,उपनिदेशक सामाजिक न्याय व आधिकारिता विभाग

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