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स्कूल से दूर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए शिक्षक करेंगे घर-घर सर्वे

- दूसरे चरण का प्रवेशोत्सव शुरू, 24 जुलाई तक चलेगा अभियान - प्रदेश में दस प्रतिशत नामांकन बढ़ाने का शिक्षा निदेशक ने दिया लक्ष्य

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Teachers will conduct door-to-door survey to connect children away from school to education

Teachers will conduct door-to-door survey to connect children away from school to education

मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के तहत स्कूल से वंचित बालक-बालिकाओं का सर्वे कर शिक्षक उन्हें स्कूल में प्रवेश दिलावाएंगे। शिक्षक उन बच्चों का सर्वे करेंगे जो पिछले साल से एक तरह से स्कूल तो आए लेकिन बीच सत्र से ही गायब हैं। ऐसे छात्रों की संख्या लाखों में है। इसके लिए निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के तहत नामांकन वृद्धि एवं घुमंतु परिवारों के बालक-बालिकाओं के नामांकन को लेकर शिक्षा से जुड़े अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक के आदेश अनुसार मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान की एक पहल के रूप में 3 वर्ष से 18 वर्ष तक के सभी बालक-बालिकाओं को विद्यालय में नामांकित करने और उनका विद्यालय में शत-प्रतिशत ठहराव सुनिश्चित करने के लिए प्रवेशोत्सव कार्यक्रम प्रारंभ किया है। प्रवेशोत्सव द्वितीय चरण में नामांकन वृद्धि, अनामांकित एवं ड्रापआउट बालक-बालिकाओं, प्रवासी श्रमिकों के बच्चों एवं बाल श्रम से मुक्त कराए गए बालक-बालिकाओं को विद्यालयों से जोडने के लिए कार्मिकों, शिक्षकों की ओर से घर-घर सर्वे 24 जुलाई तक किया जाएगा। इसके लिए हर स्कूल के पहली, दूसरी कक्षा के शिक्षक के साथ हर शिक्षक को लगाया गया है। सरकार ने भी पिछले साल के नामांकन में 10 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य दिया है। आदेश के अनुसार सर्वे के बाद 25 जुलाई से 18 अगस्त के नामांकन अभियान के तहत चिन्हित बालक-बालिकाओं की प्रविष्टि की जाएगी।

सभी शिक्षकों को करना होगा घर-घर सर्वे

शिक्षा निदेशक से मिले निर्देश के तहत हर स्कूल के हर शिक्षकों को घर-घर सर्वे करके बच्चों को स्कूल से जोड़ना होगा। सरकार ने पिछले साल से आंकड़ों को देखते हुए 10 प्रतिशत से अधिक नामांकन बढ़ाने का लक्ष्य दिया है। उसे हर संभव प्रयास कर पूरा करने का प्रयास करेंगे।

- रामेश्वर प्रसाद जीनगर, सीबीईओ सुवाणा