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प्रदेश के पीएमश्री स्कूलों पर अब सरकार की सीधी नज़र; संयुक्त सचिव करेंगे ‘नाइट स्टे’

- मिशन मोड: 15 दिन में होगा 41 जिलों के 82 स्कूलों का निरीक्षण - 8 मार्च तक बालिकाओं के लिए शौचालय बनाना अनिवार्य

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The state government will now keep a close watch on the PM Shri schools in the state.

The state government will now keep a close watch on the PM Shri schools in the state.

राजस्थान के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने के लिए केंद्र की 'पीएम श्री' योजना को लेकर प्रदेश सरकार अब पूरी तरह सख्त हो गई है। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद अब इन स्कूलों को 'शो-केस' मॉडल के रूप में विकसित करने की तैयारी है। शिक्षा संकुल में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शिक्षा अधिकारियों की मैराथन बैठक लेकर स्पष्ट किया कि अब केवल कागजों पर काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर बदलाव दिखना चाहिए।

कलक्टर-एसपी की तरह अधिकारी करेंगे 'रात्रि विश्राम'

निरीक्षण की इस नई व्यवस्था में सबसे खास बात यह है कि संयुक्त सचिव स्तर के आईएएस अधिकारी प्रत्येक जिले के 2-2 पीएमश्री स्कूलों का चुनाव करेंगे। ये अधिकारी न केवल स्कूल की बिल्डिंग देखेंगे, बल्कि वहां रात्रि विश्राम भी करेंगे। इस दौरान वे शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों से सीधा संवाद कर शिक्षा की गुणवत्ता और समस्याओं को समझेंगे। इसके लिए उन्हें 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।

मासिक रैंकिंग से तय होगी परफॉर्मेंस

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि इन स्कूलों को अन्य सरकारी स्कूलों के लिए एक 'रोल मॉडल' बनाना है। इसके लिए स्कूलों के प्रदर्शन की मासिक समीक्षा होगी और रैंकिंग प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। परिसर में उपलब्ध खाली जमीन और कमरों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना होगा। बैठक में मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान, मिशन स्टार्ट और मिड-डे मील जैसी योजनाओं की भी रिपोर्ट ली गई।

8 मार्च की डेडलाइन: बालिकाओं के लिए शौचालय मस्ट

महिला सशक्तीकरण और छात्राओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए मुख्य सचिव ने कड़े निर्देश दिए हैं। जिन पीएम श्री स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग से टॉयलेट नहीं हैं, वहां 8 मार्च महिला दिवस तक निर्माण कार्य हर हाल में पूरा करने की समय सीमा तय की गई है।

मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने कहा कि पीएम श्री विद्यालयों को ऐसे आदर्श केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए, जिनका शैक्षणिक और प्रशासनिक ढांचा अन्य राजकीय विद्यालयों के लिए प्रेरणा बन सके।

  • निरीक्षण का नया शेड्यूल
  • कुल जिले: 41
  • कुल स्कूल: 82 (प्रति जिला 2 स्कूल)
  • अधिकारी: संयुक्त सचिव स्तर के अफसर।
  • समय सीमा: आगामी 15 कार्य दिवस।
  • फोकस: शैक्षणिक स्तर, आधारभूत ढांचा और संवाद।