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मोबाइल युग में खेलों की भूमिका अहम, शारीरिक शिक्षकों पर बड़ी जिम्मेदारी

तीन दिवसीय शारीरिक शिक्षक संगोष्ठी, 350 से अधिक शिक्षक हुए शामिल

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The role of games is important in the mobile age, physical teachers have a big responsibility

The role of games is important in the mobile age, physical teachers have a big responsibility

महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम) सी-सेक्टर शास्त्री नगर के तत्वावधान में यश विहार कोटा रोड स्थित परिसर में बुधवार को तीन दिवसीय जिला स्तरीय शारीरिक शिक्षक संगोष्ठी का विधिवत शुभारंभ हुआ। संगोष्ठी 26 जुलाई तक चलेगी।

उद्घाटन कार्यक्रम में अध्यक्षता भूपेंद्र पगारिया ने की। विशिष्ट अतिथि नगर निगम के महापौर राकेश पाठक, पूर्व सभापति मंजू पोखरना, पूर्व शिक्षा अधिकारी डॉ. शंकरलाल माली, प्रा. शि. रामेश्वर लाल बाल्दी, एडीपीसी समग्र शिक्षा कल्पना शर्मा, सीबीओ सुवाणा डॉ. रामेश्वर जीनगर, प्रदेश उपाध्यक्ष शिक्षक संघ राष्ट्रीय कैलाश सुथार, प्रधानाचार्य बड़ामहुआ जगजितेंद्र सिंह उपस्थित थे। विद्यालय के संस्थाप्रधान ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

इस दौरान महापौर राकेश पाठक ने कहा कि शारीरिक शिक्षक विद्यालय की रीढ़ की हड्डी होता है, जो विद्यार्थियों में अनुशासन, स्वास्थ्य और खेल के प्रति जागरुकता लाता है। आज के मोबाइल युग में बच्चों को खेल मैदान तक लाना एक बड़ी चुनौती बन गई है, जिसे केवल शारीरिक शिक्षक ही पूरा कर सकते हैं। डॉ. शंकरलाल माली ने कहा कि शुद्ध आहार, शुद्ध विचार और शुद्ध व्यवहार का निर्माण शारीरिक शिक्षक के माध्यम से ही संभव होता है।

संगोष्ठी के प्रथम सत्र में कबड्डी, हैंडबाल और फुटलाल जैसे खेलों पर लेसन प्रस्तुत किए गए। इनमें खेलों में आए नवीनतम बदलावों व नियमों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में भीलवाड़ा जिले के 350 से अधिक शारीरिक शिक्षक व शिक्षिकाएं शामिल हुए।