
There is a demand for white horses in weddings, and people have to pay higher prices
Bhilwara news : देवउठनी एकादशी से शुरू विवाह आयोजनों ने बाजार में रौनक है। लंबे समय से बारात में बग्गियों का चलन बढ़ा है। दूल्हे को सफेद घोड़ी पर चढ़ाने का क्रेज ज्यादा है। इनमें सफेद घोड़ी की मांग अधिक की जा रही है। शादियों में सफेद घोड़ी को शुभ माना जाता है। यह न केवल परंपरा का हिस्सा है बल्कि स्टेट्स सिंबल भी बन चुकी हैं। ऐसे में सफेद घोड़ी का आकर्षण और बढ़ गया। दूल्हे सफेद घोड़ी पसंद कर रहे हैं।
इसके चलते सफेद घोड़ी बुक करने के लिए अधिक दाम चुकाने पड़ रहे हैं। शादी में कई तरह के रीति-रिवाज होते हैं। घोड़ी चढ़ाई में दूल्हे को सफेद घोड़ी पर बैठाकर विवाह स्थल लाया जाता है। उसके साथ छोटा बच्चा बैठता है, जिसे सहबाला कहते हैं। यह रस्म सदियों से चली आ रही है। फिर भी कम लोग इसके पीछे की वजह जानते हैं। सफेद घोड़ी शुभ मानी जाती है। इसके कारण एक शादी में 10 से 21 हजार रुपए तक किराया लेते हैं। शहर में सौ से अधिक सफेद घोड़ी है।
पहले से बुकिंग
15 जनवरी के विवाह मुहूर्त में अधिकतर बुकिंग हो चुकी हैं। हालांकि, नवंबर और दिसंबर में कई दिन शेष हैं। चांदजी घोडी वाले ने बताया कि वह सालभर इन घोडिय़ों की देखभाल पर भारी खर्च करते हैं। चारे, देखरेख और अन्य खर्चे मिलाकर एक घोड़ी का रखरखाव काफी महंगा होता है। ऐसे में आर्थिक दबाव बढ़ता है। शहर में 100 तथा जिले में 300 से अधिक सफेद घोड़ी है। इनकी मांग हर समारोह में रहती है।
Published on:
25 Nov 2024 11:34 am

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