29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

​पशुओं को खूंखार व जंगली जानवरों से आत्मरक्षा के लिए खिलाते हैं छोड़िया खेल

छोड़िया में पशु सीखते हैं सींग से मारकर आत्मरक्षा करना

2 min read
Google source verification
Bhilwara, bhilwara news, Diwali in india, Diwali in bhilwara, Unique tradition in bhilwara, Latest hindi news in bhilwara, Bhilwara Hindi news, Latest news in bhilwara

तिलस्‍वां के मेला ग्राउंड में पशुओं को आत्‍मरक्षा के ल‍िए छोडिया खेल खिलाते पशु पालक

तिलस्वां।
क्षेत्र में परंपरागत तरीके से आज भी पशुपालक अपने पशुओं को जंगल में हिंसक जानवरों से बचने के लिए छोडिया खेल खिलाया जाता है। इसके पशु हिंसक व खूंखार जानवरों से आत्मरक्षा के गुर सीखता है। इसमें भाग लेने के लिए जिलेभर से हजारों की संख्या में पशु पालक अपने पशुओं को लेकर पहुंचते हैं। वहीं इसे देखने के लिए ग्रामीणों का हुजूम जमा होता है।

READ: दीपोत्सव पर जगमग हुआ शहर, घर-घर धन की अधिष्ठात्री महालक्ष्मी की आराधना

जानकारी के अनुसार दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा पर मेला ग्राउंड पर लोग अपने सजे धजे पशुओं को लेकर छोडिया खेल खिलाने के लिए पहुंचते हैं। इसमें बारी—बारी से पशुओं को हिंसक जानवरों से आत्मरक्षा के लिए सींग मारना सिखाते हैं। जिसे देखने के लिए हजारों की संख्या में क्षेत्र सहित जिलेभर के लोग पहुंचते हैं और फिर शुरू होता है छोडिया।

READ: सागवाड़ा से चांदखेड़ी जैन मंदिर में दर्शनों के लिए जा रहे श्रद्धालुओं की जीप पलटी, सात घायल


क्या है छोडिया खेल
छोडिया मरे हुए जानवर की खाल को लकड़ी में बांधकर पशुओं को सुंघाया जाता है। पशु उसे सूंघकर खूंखार व जंगली जानवर समझ लकड़ी के पीछे मारने दौड़ता है। कई बार तो खेल खिलाने वाला व्यक्ति डंडे को छोड़कर भाग खड़ होता है। ग्रामीणों के अनुसार यह खेल पशुओं को आत्मरक्षा के लिए खिलाया जाता है । ताकि जंगल में हिंसक जानवरों से आत्मरक्षा कर सकें।

वर्षों से चली आ रही है पंरपरा

ग्रामीणों के अनुसार यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। ग्रामीण अपने पशुधन को बचाने के लिए इस पंरपरा का आज भी निर्वहन कर रहे हैं।

देखने वालों का लगता है मेला
इसके देखने के लिए मेला ग्राउंड पर चारों तरफ ग्रामीणों की भीड़ जमा हो जाती है। इसमें बुजुर्ग, महिलाएं व बच्चे भी शामिल होते हैं। खेल के दौरान देखने वाले तालियों के साथ हुटिंंग करते हैं।

Story Loader