राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को सदन की कार्रवाई के दौरान मांडलगढ़ विधायक गोपाल खण्डेलाल व जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा ने अपने अपने विधानसभा क्षेत्र की समस्या उठाई और विभिन्न कार्य के लिए सुझाव भी दिए। इस दौरान मीणा ने सदन से पूछा, आरोपित थानेदार क्यूं रहे फील्ड में, ऐसे थानेदार व पुलिस कर्मियों को फील्ड से हटाना चाहिए।
विधायक गोपीचन्द मीणा ने सदन में बताया कि जहाजपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जहाजपुर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बिलेटा के दो ग्राम खोहरा खुर्द व ग्राम खोहरा कला हनुमान नगर पुलिस थाने के सीमा क्षेत्र के अधीन है। इन्हें जहाजपुर थाने के अधीन करने की मांग उठाई। उन्होंने कोटडी पुलिस थाने में दर्ज दो मामलों में चालान पेश नहीं होने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने उपरोक्त मुकदमों में चालान पेश करते हुए अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की।
मीणा ने कोटड़ी एवं हनुमान नगर में पुलिस निरीक्षक के पद स्वीकृत होने के बावजूद उप निरीक्षक स्तर के अधिकारी लगाने पर रोष जताया। मीणा ने सदन में बोलते हुए कहा कि भीलवाड़ा जिले में जिन जिन थाना प्रभारियों पर प्रकरण दर्ज हैं अथवा विभागीय जांचें विचाराधीन है उन्हें तत्काल फील्ड से हटाते हुए उनकी जगह ईमानदार पृष्ठभूमि के अधिकारियों का पद स्थापन करने का मुद्दा उठाया। इसके अतिरिक्त विधायक मीणा ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग भी राज्य सरकार से की।
मांडलगढ़ विधायक गोपाल खंडेलवाल ने सदन में कई मुद्दे उठाए। उन्होंने राजस्थान में पुलिस की कार्यप्रणाली, वेतन विसंगति,नफरी की कमी,अवकाश का समय पर नहीं मिलना,संसाधनों की कमी पर चिंता जताई। इसी प्रकार भीलवाड़ा के आदर्श तापड़िया हत्याकांड व विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जावल नोहरा हत्याकांड को उठाया। मांडलगढ़ कस्बे में वेश्यावृत्ति,विधानसभा क्षेत्र में अवैध सट्टे व अन्य अवैध गतिविधियों व पुलिस के पास आधुनिक हथियारों की कमी की वजह से पुलिसकर्मी ऊंकार रायका व पवन चौधरी की हत्या का मुद्दा भी सदन में उठाया।