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सफाई के लिए पूर्व संवेदक की नौ महीने कार्य अवधि बढ़ाई

इंटीग्रेटेड प्लान स्वीकृत नहीं होने से वित्तीय वर्ष के मध्य में किया टेंडर
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भिवाड़ी

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Dharmendra dixit

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Dharmendra Dixit

Dec 02, 2025

भिवाड़ी. परिषद क्षेत्र में सफाई टेंडर को अप्रेल से काम विस्तार दिया जा रहा है। अब नया टेंडर हो चुका है। संभावना है कि अगले कुछ दिनों में नया संवेदक काम करने लगेगा। नया टेंडर 1.80 करोड़ का हुआ है जिसमें 400 कर्मचारियों की सडक़ों की सफाई करेंगे। नया टेंडर अप्रेल 2026 तक के लिए किया है, जिसमें बीस ट्रैक्टर-ट्रॉली, पांच लोडर और जेसीबी सहित अन्य संसाधन सफाई के लिए लिए गए हैं। रोड सफाई के टेंडर फाइलन होने के बाद डोर टू डोर कचरा संग्रहण का होगा। इंटीग्रेटेड प्लान स्वीकृत नहीं होने से वित्तीय वर्ष के मध्य में टेंडर किए जा रहे हैं। इंटीग्रेटेड टेंडर की तैयारी अप्रेल से चल रही है लेकिन अभी तक फाइनल नहीं हुआ है। इंटीग्रेटेड प्लान को मंजूरी मिलने के बाद भी अगले वित्तीय वर्ष से काम शुरू हो सकेगा। परिषद अभी तक गत दो वर्ष से चले आ रहे डोर टू डोर कचरा संग्रहण और रोड स्वीपिंग टेंडर को आगे बढ़ाती आ रही थी। 31 मार्च को टेंडर समाप्त हो चुके थे लेकिन इंटीग्रेटेड टेंडर नहीं होने से पूर्व के संवेदकों को ही कार्य विस्तार दिया जा रहा था। परिषद ने सात साल का इंटीग्रेटेड सफाई प्लान तैयार किया था। जिमसें सडक़ों की सफाई, कचरा संग्रहण से लेकर प्रथक्कीकरण और वेस्ट टू एनर्जी मॉडल पर काम होगा। सात साल का टेंडर लगना था। एक टेंडर कचरा संग्रहण का होगा जिस पर प्रति वर्ष सफाई पर करीब 43 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जबकि वर्तमान में प्रति वर्ष करीब दस करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। सफाई का बजट बढ़ाने के साथ सात साल का दीर्घकालीन रोडमैप तैयार किया। अभी तक सफाई के टेंडर सवा लाख की आबादी के अनुसार होते थे, जबकि भिवाड़ी उद्योग क्षेत्र है यहां करीब सात लाख की आबादी रहती है। दिन-रात हर वक्त कचरा निकलता है। इसके साथ ही टेंडर में बीडा, आवासन मंडल और रीको के क्षेत्र को भी शामिल किया जाएगा। दूसरे चरण में कचरा निस्तारण का टेंडर होगा। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय निदेशक डॉ. प्रशांत गर्गव 22 जनवरी को भिवाड़ी आए थे। उनकी अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में वेस्ट टू एनर्जी मॉडल को लागू करने निर्णय लिया था, जिससे कचरे से बिजली और कंपोस्ट उत्पादन कर, कचरा प्रबंधन का स्थायी समाधान बनेंगी और क्षेत्र को स्वच्छ और हरित बनाने में की योजना तैयार की थी। बैठक से पूर्व निदेशक (एनसीएपी) के साथ विभिन्न कचरा प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञ ने भिवाड़ी क्षेत्र में स्थित डंपिंग यार्ड, रीको क्षेत्र तथा भिवाड़ी सिटी में ठोस कचरा प्रबंधन, कचरे के माध्यम से विद्युत ऊर्जा का उत्पादन सहित विभिन्न संभावनाओं को देखा।
विशेषज्ञ ने भिवाड़ी क्षेत्र से निकलने वाले कचरे का आंकलन कर निस्तारण के विभिन्न उपाय सुझाए। उन्होंने कचरे प्रथक्कीकरण सहित कचरे के संग्रहण के लिए ऑटो टिपर की संख्या का आंकलन कर, अतिरिक्त ऑटो टिपर लगाकर कचरा इक_ा करने, भिवाड़ी क्षेत्र को विभिन्न क्लस्टरों में विभाजित कर कचरा प्रबंध करने, ऑटो टिपर की ट्रिप संख्या बढ़ाकर, रात के समय बाजार की सफाई और बाजार की छुट्टी के दिन सफाई का विशेष अभियान का सुझाव दिया था।