
भोपाल। राज्य कर्मचारियों के लिए एक और अच्छी खबर आई है। अब राज्य सरकार सातवां वेतनमान पा रहे राजकीय कर्मचारियों को 1 प्रतिशत महंगाई भत्ता यानि डीए देने जा रही है। इसके अलावा छठा वेतनमान पा रहे कर्मचारियों और अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों को भी 3 प्रतिशत डीए दिया जाएगा। 1 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ने से सरकार पर हर महीने 10 करोड़ रुपए और 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने के बाद सरकार पर हर महीने 24 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च बढ़ जाएगा। आपको बता दें कि बढ़े हुए डीए का भुगतान इसी साल की 1 जुलाई से किया जाना है।
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में अभी लगभग 4.5 लाख शासकीय कर्मचारियों और 1 जनवरी 2016 के बाद से रिटायर पेंशनर्स को ही सातवां वेतनमान दिया जा रहा है। इन लाभार्थियों को 1 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्रस्तावित है। इसके अलावा बड़ी संख्या में छठा वेतनमान वालों में निगम मंडल कर्मचारी, शिक्षक और पंचायत संवर्ग के कर्मचारी शामिल हैं। इनके अतिरिक्त 4 लाख पेंशनर्स भी इस सूची में हैं, जिन्हें 3 प्रतिशत के हिसाब से महंगाई भत्ता दिया जाएगा।
बजट में किया था सातवें वेतनमान का ऐलान
इससे पहले काफी समय से मध्यप्रदेश के कर्मचारी भी केंद्रीय कर्मचारियों की तरह काफी समय से 7वां वेतनमान की मांग कर रहे थे। जिसके बाद वित्तमंत्री जयंत मलैया ने विधानसभा में बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि 7वां वेतनमान देने के कारण वेतन राजस्व प्राप्ति प्रतिशत 18.60 फीसदी से बढ़कर 20.12 फीसदी हो जाएगी। इससे पहले पिछले साल 19.62 फीसदी था, जो घटकर 18.60 फीसदी हुआ था। इसे 1 जनवरी से 2016 से लागू माना जाएगा। वहीं 1 जुलाई 2017 के वेतन में जोड़ दिया जाएगा।
50 प्रतिशत तक बढ़ सकती है बेसिक सैलरी
एक जनवरी 2016 से लागू होने वाले सातवें वेतन आयोग का लाभ मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को भी मिल रहा है। एक अनुमान के मुताबिक पांचवें व छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को देखते हुए सातवां वेतन आयोग लागू होने पर कर्मचारियों के मूल वेतन में 40 से 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। आपको बता दें कि पांचवें वेतन आयोग के बाद कर्मचारियों के मूल वेतन में करीब 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी जबकि छठे वेतन आयोग में ये वृद्धि न्यूनतम 40 प्रतिशत थी।
Published on:
16 Nov 2017 11:29 am
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