- वर्ष 2018 के चुनाव में 367 संवेदनशील बूथ थे, सबसे ज्यादा गोविंदपुरा विधानसभा में, इस बार इससे ज्यादा बनेंगे
भोपाल. जिन बूथों पर 90 फीसदी वोटिंग होती है और एक प्रत्याशी के पक्ष में 75 फीसदी वोट जाता है तो उस बूथ को संवेदनशील बूथ बनाते हैं। वहीं किसी बदमाश से किसी परिवार को भय हो, वह उनका मतदान प्रभावित करा सकता है। ईवीएम लूट की घटना हुई हो या फिर बलवा, झगड़ा फसाद हो। ऐसे बूथों को संवेदनशील बनाया जाता है। पिछले विधानसभा चुनाव में ऐसे बूथों की संख्या 367 थी, वहीं इस बार ये संख्या और बढ़ सकती है। इस संबंध में बुधवार को कलेक्टोरेट में पुलिस और प्रशासन के अफसरों की बैठक हुई, इसमें पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर संवेदनशील बूथों को चिन्हित किया गया है। गुरुवार को संख्या फाइनल होगी।
पिछले चुनाव में सबसे ज्यादा संवेदनशील बूथ गोविंदपुरा विधानसभा में थे, इनकी संख्या 83 थी। इसके बाद भोपाल मध्य में 73, हुजूर में 66, दक्षिण पश्चिम में 62, नरेला में 41, भोपाल उत्तर में 24 और बैरसिया में 13 बूथ थे। इस बार क्राइम आंकड़ों और पुलिस रिपोर्ट के बाद ये आंकड़ा और बढ़ा है।
इसके आधार पर मिलता है पुलिस बल
जिले में कितने संवेदनशील, बल्नरेवल, बल्नरेबिलिटी पैदा करने वाले व्यक्ति हैं। इनकी संख्या के आधार पर सुरक्षा की प्लानिंग की जाती है। उसी आधार पर इन बूथों पर अतिरिक्त फोर्स लगाया था। आरएएफ की टुकड़ी भी मूवमेंट में थी। अब गुरुवार को निर्वाचन आयोग की बैठक में संवेदनशील बूथों की सूची रखी जाएगी।
219 लोगों को 67 बदमाशों से भय
कलेक्टोरेट में देर शाम तक चली पुलिस प्रशासन के अफसरों की एक्सरसाइज में शहरी क्षेत्र के थानों में 219 लोग ऐसे मिले जिनको अपने-अपने क्षेत्र के गुडों और बदमाशों से भय है। ये बदमाश इन लोगों का मतदान प्रभावित करा सकते हैं। पुलिस की रिपोर्ट के बाद अब इनको संवेदनशील बूथों में शामिल किया जाएगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी रवीशंकर राय का कहना है कि इन बादमाशों को थाना स्तर पर बाउंडओवर की कार्रवाई की जाएगी।