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आयुष्मान योजना के तहत इलाज से इनकार

मरीज लौट रहे निराश होकर, इस योजना में शामिल नहीं आयुष चिकित्सा बिना साइड इफेक्ट वाले आयुर्वेद, होम्योपैथ, यूनानी में अधिक विश्वास...

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आयुष्मान योजना के तहत इलाज से इनकार

भोपाल. असाध्य रोगों की चिकित्सा के लिए एक ओर तो लोग आयुष चिकित्सा की ओर दौड़ रहे हैं, दूसरी ओर सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना में आयुष चिकित्सा को शामिल नहीं किया है। इसके चलते आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक हॉस्पिटल में आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराने पहुंचने वाले लोगों को वापस किया जा रहा है।

उनका कहना है कि आयुष्मान योजना में आयुष चिकित्सा शामिल ही नहीं की गई है। बीमा कंपनियों ने भी अब ट्रीटमेंट पैकेज में आयुष चिकित्सा को शामिल कर लिया है, लेकिन सरकार ने अपनी इतनी बड़ी योजना में आयुष को शामिल नहीं किया है। इसके चलते रोजाना सैकड़ों मरीज आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक अस्पतालों से लौट रहे हैं।


आयुष्मान योजना में आयुष चिकित्सा पद्धतियां शामिल नहीं हैं। मरीजों को योजना में पांच लाख तक के इलाज का भुगतान कैशलेस है। इमरजेंसी में भर्ती होने पर सिर्फ नाम और कार्ड नंबर पूछा जाएगा। ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीज के भर्ती होने से 3 दिन पहले और अस्पताल से छुट्टी होने के 15 दिन बाद तक खर्च सरकार उठाती है।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना में राजधानी के जेपी और हमीदिया अस्पताल शामिल हैं। इसके सिवा प्राइवेट अस्पतालों में नवोदय कैंसर अस्पताल एमपी नगर जोन-2, गैलेक्सी अस्पताल कोलार रोड, पीपुल्स अस्पताल भानपुर, चिरायु मेडिकल कॉलेज भैंसाखेड़ी, जेके अस्पताल कोलार रोड, जवाहरलाल नेहरू कैंसर अस्पताल ईदगाह हिल्स, बालाजी फ्रैक्चर एंड जनरल अस्पताल,

सिद्धांता रेडक्रॉस हॉस्पिटल की सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल, नर्मदा ट्रॉमा सेंटर, नोबल अस्पताल मिसरोद, भोपाल टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर, सहारा फ्रैक्चर एण्ड जनरल अस्पताल, लेकसिटी इंस्टीट्यूट सर्जिकल भोपाल, नवजीवन अस्पताल आदि शामिल हैं। प्रदेश में 300 आयुर्वेदिक और 200 होम्योपैथिक हॉस्पिटल हैं। 10.74 करोड़ परिवारों के 50 करोड़ लोगों को इस योजना का लाभ दिया जाना है। इसके हार्ट, दिमाग, गुर्दे, लिवर और कैंसर से संबंधित कुल 1350 बीमारियों का इलाज पैकेज में शामिल किया गया है।

आयुष्मान योजना के तहत इलाज के लिए सरकार ने केवल ऐलोपैथी हो अधिकृत किया है। इस बारे में भविष्य में सरकार आयुष चिकित्सा की अनुमति देती है तो उसे लागू करवाया जाएगा।
- डॉ. अंतिम नलवाया, जिला आयुष अधिकारी