
भोपाल। पीडब्ल्यूडी मंत्री रामपाल सिंह की बहू प्रीति रघुवंशी (30) ने बीते शनिवार की सुबह करीब 3.30 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद से लगातार प्रीति के आत्महत्या का विवाद आग की तरह फैलने लगा। हालांकि रविवार को 24 घंटे बीत जाने के बाद प्रशासन से मिली निष्पक्ष जांच के आश्वसन के बाद रघुवंशी समाज ने शव के दाह संस्कार करने को राजी हुए है।
समाज के प्रतिनिधि मंडल के लोगों ने मांग करते हुए कहा कि रामपाल सिंह के परिवार के लोग आ कर मृतक का अंतिम संस्कार करें। पहले अंतिम संस्कार की अनुमति के लिए ज्ञापन दिया था जो प्रशासन तक नहीं पहुंचा था। जिसके बाद रविवार को रघुवंशी समाज के लोगों ने प्रशासन को दोबारा ज्ञापन सौंपा है।
परिजन हुए दाह संस्कार करने को राजी
प्रशासन की समझाइस के बाद करीब 4 बजे समाज के लोग और परिजनों ने निष्पक्ष कार्यवाही के आश्वासन पर परिजन शव का दाह संस्कार करने पर राजी हुए है। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व मंत्री जसवंत सिंह रघुवंशी के भाई प्रताप सिंह ने रामपाल से बात की, रामपाल ने कहा मैं नही आऊंगा और न ही बेटे को भेजूंगा, परिवार से किसी को भेज दूंगा। लड़की के परिजनों ने दाह संस्कार में किसी और के आने से मना किया।
पुलिस बल के तैनाती में हुआ पोस्टमार्टम
प्रीति के भाई सौरभ ने लगाया आरोप, मंत्री के दवाब में हम पर कार्रवाई की जा सकती है। हमें प्रताड़ित किया जा सकता है। हमको कुछ हानि हुई तो मंत्री, गिरिजेश, प्रशासन ज़िम्मेदार होंगे। दाह संस्कार तब तक नहीं करेंगे जब तक गिरिजेश नही आता। हालांकि प्रशासन के निर्देश के बाद 3 डॉक्टरों की टीम ने शन का पीएम किया। जिसमें डॉ केके सिलावट - बीएमओ, डॉ विजय लक्ष्मी, डॉ राहुल रघुवंशी शामिल थे। मौके पर एसपी जगत सिंह भी मौजूद रहें।
वहीं इस संबंध में जब पत्रिका संवाददाता ने रायसेन एसपी जगत प्रताप सिंह से बात करनी चाही तो वे इस दौरान भारी दवाब में नज़र आये ..
पत्रिका के सवालों पर मुंह फेरकर बचते रहे -
सवाल - क्या पुलिस एफआई करेगी
एसपी जवाब - मुंह पर चुप्पी, मुंह फेरकर आगे बढ़ गए
सवाल - लॉ एंड आर्डर की स्थिति कैसी है
कोई जवाब नहीं, मुंह फेर लिया
सवाल - क्या पुलिस मंत्री के दवाब में है
जवाब - आप खुद एनालिसिस कर लीजिए
सवाल - परिजनों को क्या कह कर राजी किया
जवाब - ये आप परिजनों से ही पूछिए
जगत सिंह राजपूत - सही नाम
एडीशनल एसपी हेमलता केरकेटा जांच अधिकारी
जांच अधिकारी हेमलता ने कहा मृतक प्रीति का पीएम करा दिया गया है। जांच के बाद तथ्य सामने आएंगे। Fir के बारे में कुछ नहीं कह सकते, प्रकरण जांच में है। प्रशासन ने पीएम की वीडियोग्राफी कराई है। मंत्री ने परिजनों पर कोई दवाब डाला इसके तथ्य नहीं मिले है। रामपाल सिंह की बहू की आत्महत्या का मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि मामले की जांच होगी। जानकारों का कहना है कि रामपाल के बेटे गिरिजेश सिंह ने प्रीति से शादी कर दूसरी जगह मंगनी कर ली। जिससे दुखी होकर प्रीति ने खुदकुशी कर ली थी।
ये है विवाद का बड़ा कारण
दरअसल, बीते शनिवार को प्रीति का शव उसके पिता चंदन रघुवंशी के घर फांसी पर लटका मिला। उसकी शादी मंत्री रामपाल के मंझले बेटे गिरजेश प्रताप सिंह से 20 जून 2017 को भोपाल के नेहरू नगर आर्यसमाज में हुई थी। परिजनों का कहना है कि मंत्री उनकी बेटी को बहू के रूप में स्वीकार नहीं कर रहे थे। ऐसे में उसे मायके में रहना पड़ रहा था। गिरजेश उसे माता-पिता को मना लेने का भरोसा दिलाता रहा। इस बीच 14 मार्च को मंत्री ने अपने बेटे की सगाई किसी अन्य लडक़ी से कर दी।
शव के पास से सुसाइड नोट बरामद
शुक्रवार देर रात प्रीति की गिरजेश से मोबाइल पर बात हुई थी। प्रीति के पिता चंदन रघुवंशी का आरोप है कि मंत्री एक महीने से उन पर बेटी की शादी अन्यत्र कराने के लिए धमकियां और पैसे का लालच दे रहे थे। पुलिस ने प्रीति के शव के पास से सुसाइड नोट भी बरामद किया है जिसमें लाल और नीली स्याही का इस्तेमाल हुआ है। इस पर मृतका के हस्ताक्षर नहीं हैं। परिजनों और रघुवंशी समाज के राजी नहीं होने से शनिवार को शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। तनाव को देखते हुए उदयपुरा में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। रायसेन की एएसपी किरणलता केरकट्टा के अनुसार इसकी जांच की जा रही है।
सुसाइड नोट में लिखा- मम्मी-पापा मुझे माफ कर देना
पुलिस ने प्रीति का जो सुसाइड नोट बरामद किया है, उसमें लिखा है कि- पापा-मम्मी मुझे माफ कर देना। मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई। इसका दोष किसी को मत देना। न चाचा को, न चाची को। छोटे चाचा और चाची आप दोनों से भी हाथ जोडक़र माफी मांगती हूं। आपने बहुत परेशानी भोगी है। मेरी वजह से बड़े पापा आप भी बहुत परेशान हुए हैं। मैं आप सबको अब परेशान नहीं देख सकती हूं और न कर सकती हूं। पापा आप से कुछ मांग रही हूं। आप मम्मी से मत लडऩा। कभी उन्होंने मेरी वजह से बहुत परेशानी देखी है।
परिजन बोले- मंत्री के खिलाफ हो FIR
इधर, प्रीति की मौत के बाद रघुवंशी समाज के लोग आक्रोशित हो गए। अस्पताल में पुलिस जब शव लेकर पहुंची तो वे अड़ गए कि जब तक मंत्री रामपाल खुद या उनका बेटा गिरजेश यहां नहीं आते, तब तक पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। देर रात तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका। मंत्री और उनके पुत्र गिरजेश के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की जाए।
मैं पीडि़त परिवार के दुख की इस घड़ी में साथ हूं। सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई करेगी। जहां तक बेटे से शादी के प्रमाणपत्र की बात है तो उसका परीक्षण करा लेंगे।
- रामपाल सिंह, मंत्री
मुख्यमंत्री अपने मंत्री रामपाल की बहू की आत्महत्या के मामले में कथनी और करनी में अंतर नहीं करें। एक ड्राइवर की बेटी का मंत्री पुत्र से विवाह इतना नागवार था कि उसे आत्महत्या करने को मजबूर होना पड़ा।
- अजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष
Published on:
18 Mar 2018 05:19 pm

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