
भोपाल. राजधानी में जगन्नाथ रथयात्रा का उत्साह दूसरे दिन भी नजर आया। उत्कल समाज की ओर से रथयात्रा के बाद भगवान जगन्नाथ मौसी के घर विश्राम के लिए पहुंचे। इस दौरान भगवान को मंदिर के पास ही बने झरनेश्वर मंदिर में विराजमान किया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने विशेष श्रृंगार कर पूजा अर्चना की और भगवान को विभिन्न व्यंजनों का भोग लगाया। इसी प्रकार खटलापुरा मंदिर से भी दूसरे दिन रथयात्रा निकाली गई, जिसमें अनेक साधु संत शामिल हुए।
उत्कल समाज की ओर से जवाहर चौक के जगन्नाथ मंदिर से पुरी की तर्ज पर रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा के भ्रमण के बाद भगवान को विधि विधान से भगवान जगन्नाथ को झरनेश्वर मंदिर में विराजमान किया गया। जगन्नाथ मंदिर के पुजारी मनोज मिश्रा ने बताया कि यह भगवान जगन्नाथ की मौसी का घर है, जहां वे 15 जुलाई तक विश्राम करेंगे। 15 जुलाई को झरनेश्वर मंदिर से बाहुड़ा यात्रा निकाली जाएगी, जो जगन्नाथ मंदिर पहुंचेगी। 17 को भगवान को आभूषण धारण कराए जाएंगे, वहीं 19 जुलाई को भगवान को गर्भगृह में विराजमान किया जाएगा।
साधु संतों ने किया नृत्य, बारिश की मस्ती के बीच भक्ति
किलोल पार्क जगदीश् स्वामी मंदिर से निकाली गई भगवान जगन्नाथ का रात्रि विश्राम खटलापुरा में हुआ। सोमवार को यहां से दोबारा रथयात्रा की शुरुआत हुई। इस बीच शहर में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया था। बारिश की मस्ती के बीच भक्ति का उत्साह भी नजर आया। यहां साधु, संतों, सखा बाबाओं ने जमकर नृत्य किया और बारिश में भीगते हुए भगवान जगन्नाथ के जयकारों के साथ रथ खीचा। रथयात्रा छोटा तालाब मार्ग, राजभवन तिराहा प्रोफेसर कॉलोनी सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए जगदीश स्वामी मंदिर किलोल पार्क पहुंची। यहां विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की गई, इसके बाद मंदिर परिसर में भी साधु संतों और सखी बाबाओं ने जमकर नृत्य किया और अनेक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी।
Published on:
09 Jul 2024 12:17 pm
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