3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

काटजू अस्पताल के सभी ओटी तैयार, वर्तमान में 3 में से एक चालू

-दो एडवांस ओटी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने दिए अस्पताल प्रबंधन को

less than 1 minute read
Google source verification
photo_2023-01-23_21-58-07.jpg


भोपाल. 30 करोड़ की लागत से बने डॉ कैलाश नाथ काटजू अस्पताल में 3 दिसंबर को पहला प्रसाव हुआ था। मगर अब तक सिजेरियन केस के लिए जच्चा बच्चा अस्पताल में एक ओटी ही चालू था। अन्य दो एडवांस ओटी कंस्ट्रक्शन कंपनी की तरफ से सौंपे नहीं गए थे। जो सोमवार को अस्पताल प्रबंधन को हैंडओवर किए गए हैं। जिसके बाद अब इनका कल्चर टेस्ट भेजा जाना है। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद इसे शुरू किया जाएगा। इसके शुरू होने के बाद अस्पताल में एक साथ तीन ऑपरेशन किया जा सकेंगे।

अस्पताल में ऐसी है सुविधाएं
अस्पताल में तीन लेबर रूम तैयार किए गए हैं। प्रसव के बाद प्रसूता के गंभीर होने पर आइसीयू में रखने की व्यवस्था भी है। साथ ही एसएनसीयू, आईसीयू, लेबर रूम के साथ साथ जनरल वार्ड भी मौजूद हैं। दूसरी मंजिल पर 50 बेड का आईसीयू वार्ड है, जिसमें 20 बिस्तर का एसएनसीयू व 30 बिस्तर का प्रसूति आइसीयू है। इसके अलावा मदर मिल्क बैक, ब्लड बैंक, सोनोग्राफी समेत निश्चेतना विभाग भी अस्पताल में अलग से मौजूद है।

अस्पताल में ही होगी सोनोग्राफी
काटजू अस्पताल में आने वाले हर मरीज की सोनोग्राफी की जांच अस्पताल में ही होगी। अस्पताल के सुचारू रूप से चालू होने के बाद सभी व्यवस्थाएं सुधर रहीं हैं। अस्पताल में 3 सोनोग्राफी मशीनें हैं। बता दें, काटजू व जेपी अस्पताल के बीच अनुबंध है, जिसके हिसाब से दोनों अस्पताल एक दूसरे की मदद करेंगे। इसी के तहत वर्तमान में मेडिसिन विशेषज्ञ के लिए जेपी अस्पताल के दो डॉक्टरों काटजू की ऑन कॉल ड्यूटी दी गई है।

वर्जन
तीन में से दो ओटी में कुछ कमियां थीं, जिन्हें सुधारा गया है। एक-दो दिन में पहला क्लचर टेस्ट भेज दिया जाएगा। इसके अलावा हमारे पास डॉक्टर, पैरा मेडिकल व अन्य स्टाफ भी पूरा है। -प्रवीण कुमार सिंह, अधीक्षक, काटजू अस्पताल

Story Loader