9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

जानिए! ऐसा क्या हुआ इस गांव में, इंसानों से ज्यादा हो गए मोर!

आंकड़ों के मुताबिक इस गांव की आबादी 700 है, जबकि मोरों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है।

2 min read
Google source verification
peacock village

नीमच। राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार से जुड़ी कई खबरें आपने सुनीं होगीं, लेकिन नए साल में हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर मोरों की संख्या कुल आबादी से कहीं ज्यादा है। मध्यप्रदेश के इस गांव में मोर सुरक्षित हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर गांव वाले भी सजग हैं। उनकी सजगता का ही परिणाम है कि आज इस गांव में मोरों की संख्या गांव की जनसंख्या से भी ज्यादा हो चुकी है।

ये कहानी है नीमच जिले के गांव वासनिया की। नीमच जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित है ग्राम पंचायत भगोरी, जहां के गांव वासनिया में आपको बड़ी संख्या में मोर देखने को मिल जाएंगे। जिले के रामपुरा और कुकड़ेश्वर के बीच बसे इस गांव में इतने मोर हो गए हैं, जितनी यहां की आबादी नहीं है। आलम ये है कि घर कि छत हो खेत खलिहान, पेड़ हों या गलियां, हर जगह आपको मोर आसानी से घूमते हुए नजर आ जाएंगे। आंकड़ों के मुताबिक इस गांव की आबादी 700 है, जबकि मोरों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है। आंकड़े कहते हैं कि यहां पर लगभग 800 मोर हैं, जबकि गांव वालों का कहना है कि इससे दोगुने मोर गांव और आसपास के इलाकों में मौजूद हैं।

आखिर कैसे बढ़ गई मोरों की संख्या
मोरों की संख्या बढ़ने का सबसे पहला कारण है यहां पर उनकी देखभाल। गांव के लोगों का कहना है कि वे मोरों की सुरक्षा के प्रति सजग हैं। गांव और आसपास के इलाकों में कोई भी मोर का शिकार नहीं करता है और न ही करने देता है। मोरों को पिछले कई सालों से इस इलाके में गांववाले खुद की प्रेरणा से ही संरक्षित करते चले आ रहे हैं, यही वजह है कि इलाके में मोरों की संख्या बढ़ती जा रही है।

वैसे इसका एक और बड़ा कारण है। चूंकि ये इलाके शहरी क्षेत्र से थोड़ा दूर है, इसलिए मोर सुरक्षित रहते हैं। दूसरी बात गांव के आसापास खिरनी के लगभग 800 से ज्यादा विशालकाय पेड़ हैं, वहीं दो बड़े तालाब भी हैं, जिनसे मोर के पर्यावास के लिए अनुकूल परिस्थितियां मिल जाती हैं। हरियाली और बेहतर वातावरण की वजह से मोर को उसके खाने के लिए भोजन भी उपलब्ध हो जाता है, जिसकी वजह से उनका ये आवास अब स्थायी होता जा रहा है।

क्या कहते हैं आंकड़े
जैसा कि हमने आपको बताया है कि वासनिया में 800 से ज्यादा मोर हैं। लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी कि यहां पर आबादी ही 700 लोगों की है। यहां कुल 80 से 85 मकान हैं, जिनमें इतने लोग रहते हैं। वहीं ग्राम भगोरी में 140 मकानों में 950 से ज्यादा ग्रामीण रहते हैं, लेकिन यहां पर मोर की संख्या 300 के लगभग है। वासनिया मोरों के लिए अनुकूलित स्थान बनता जा रहा है, वहीं वन विभाग भी मोरों के इस स्थान को उनके बेहतर पर्यावास में परिवर्तित करने के बारे में अपनी तैयारियां कर रहा है।