( विदिशा से गोविंद सक्सेना की रिपोर्ट)
भोपाल. यकीन नहीं होता, लेकिन यह भू-विज्ञान की रिपोर्ट है कि विदिशा की उदयगिरी और सांची सहित पूरा विंध्याचल सदियों पहले समुद्र में समाया हुआ था। वक्त के साथ प्रकृति में भी बदलाव हुए और समुद्र सिकुड़ता गया, मिट्टी बहकर आई, समुद्र तल उथला हुआ और कालांतर में वही मिट्टी चट्टानों और पहाड़ी के रूप में बदल गई। उदयगिरी के पहाड़ करीब 5 हजार लाख वर्ष पूर्व बने हैं, जबकि डायनासोर करीब 1800 लाख वर्ष पहले ही थे।
उदयगिरी की पहाड़ी पर गुफा क्रमांक 20 के पास आर्कियोलॉजीकल सर्वे ऑफ इंडिया ने एक बोर्ड लगाया है, जिसमें उदयगिरी और सांची के भू विज्ञान का जिक्र है। भू विज्ञान के हवाले से इस बोर्ड पर लिखा गया है कि दस लाख वर्ष पूर्व यहां नदी या समुद्र था, हवा व पानी से बहकर मिट्टी समुद्रतल में जमा हो गई और ठोस होने लगी। करीब 5 लाख वर्ष पूर्व समुद्र तल की भूमि ऊपर उठ गई और विंध्याचल पर्वत श्रंखला का निर्माण हुआ। इन्हीं के साथ उदयगिरी के पहाड़ का निर्माण हुआ।