
पेशे से हैं बैंकर, कोरोना काल में 250 मरीजों को एक फोन पर उपलब्ध कराया ब्लड
भोपाल। किसी की मदद का जज्बा मन में हो तो चाहे परिस्थितियां कैसे भी हों, संकल्प रास्ते से भटकने नहीं देता। यह कहना है कि पेशे से बैंकर दीपा सोनी का। दीपा का कहना है कि 2019 में हमने ड्रीम भोपाल ग्रीन भोपाल इनिशिएटिव शुरू किया। शहर को स्वच्छ और हरा बनाने के लिए हम अलग-अलग इलाकों में पौधरोपण करते थे। कोरोना की पहली लहर में जब हमने गरीबों की परेशानी देखी तो उन्हें भोजना बांटना शुरू किया। इस दौरान अप्रेल-2020 में खुद भी कोरोना पॉजिटिव हो गई।
प्रतिदिन तीन से चार कॉल आते हैं
दीपा ने बताया कि दूसरी लहर में मैं फिर कोरोना संक्रमित हो गई लेकिन रिकवर होकर फिर समाज की मदद में जुट गई। जब मैंने देखा कि लोगों को खून और प्लाज्मा की जरूरत है तो रक्तदाताओं को डाटा जुटाना शुरू किया। जिला प्रशासन से ठीक हो चुके मरीजों की लिस्ट लेकर उन्हें फोन कर समझाती थी कि यदि वे प्लाज्मा डोनेट करेंगे तो किसी मरीज की जान बच सकती है। उस वक्त हमारे पास करीब एक हजार ऐसे लोगों का डाटा एकत्रित हो गया तो समय आने पर रक्तदान करने को सहर्ष तैयार थे। अब मेरे पास प्रतिदिन तीन से चार कॉल आते हैं, जिनमें गर्भवती महिला, कैंसर मरीज, थैलेसीमिया और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज शामिल होते हैं। मैं तुरंत संबंधित ब्लड ग्रुप के डोनर्स को फोन कर उन्हें रक्तदान के लिए मरीज के परिजनों से जोड़ती हूं। पहले जहां पीडि़तों को डोनर तलाशने में घंटों लग जाते थे। अब उन्हें दस से पंद्रह मिनट में ही मदद मिल जाती है। सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से हम लगातार डोनर्स की लिस्ट अपडेट करते जा रहे हैं।
किसी की जिंदगी बचाना पहला काम है
दीपा बताती हैं कि कई बार बैंक की मीटिंग या अन्य जरूरी काम के दौरान भी मरीज के परिजनों के फोन आ जाते हैं तो कई बार आधी रात को भी कॉल आ जाता है। मैं इसे प्राथमिक में लेकर उनकी मदद करती हूं क्योंकि किसी की जिंदगी बचाना मेरा पहला काम है। शनिवार और रविवार को छुट्टी के दिन हमारी टीम दिनभर एक्टिव रहती है। पिछले तीन माह में करीब 250 मरीजों को रक्त उपलब्ध करवा चुकी हूं।
Published on:
09 Sept 2021 09:01 pm
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