
महाशिवरात्रि के पूर्व शहर के मंदिरों में विवाह पूर्व रस्मों की शुरुआत
भोपाल. महाशिवरात्रि पर शिव विवाह के पहले शहर के मंदिरों में मांगलिक कार्यों की रस्मों की शुरुआत हो गई है। शहर के अनेक मंदिरों में रस्मो रिवाज के साथ महाशिवरात्रि के आयोजन किए जाते हैं। इसमें महिला संगीत, हल्दी मेंहदी की रस्म, विवाह और भंडारा अर्थात रिसेप्शन के आयोजन किए जाते हैं। इसके लिए कई मंदिरों द्वारा सोशल मीडिया पर ई-पत्रिका के माध्यम से श्रद्धालुओं को विवाह के आमंत्रण दिए जा रहे हैं।
शीतला माता मंदिर में हल्दी की रस्म
टीला जमालपुरा के शीतला माता मंदिर में पांच दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव की शुरुआत मंगलवार से हुई। इस मौके पर मंदिर में भगवान भोलेनाथ और माता रानी को महिलाओं ने हल्दी लगाई। इस मौके पर बधाई गीत गाए। मंदिर के पं. श्रीहरि जोशी ने बताया कि बुधवार को यहां शाम 4 बजे से मेंहदी की रस्म होगी। इसी प्रकार 7 मार्च को महिला संगीत और 8 मार्च को महाशिवरात्रि पर शिव बारात निकाली जाएगी। इसके अगले दिन भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
बन्ना-बन्नी गीत के साथ वटेश्वर, भवानी को लगेगी हल्दी मेंहदी
बड़वाले महादेव मंदिर की ओर से 21 दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम चल रहे हैं। बुधवार को बड़वाले महादेव मंदिर और भवानी मंदिर सोमवारा में हल्दी, मेंहदी की रस्म होगी। समिति के संयोजक संजय अग्रवाल और प्रमोद नेमा ने बताया कि शाम 7 बजे फूलों के मंच पर वटेश्वर को विराजमान कर महिलाएं हल्दी मेंहदी लगाएगी और बन्ना बन्नी गीत गाए जाएंगे। इसके बाद रात्रि आठ बजे यहां से मंदिर समिति के सदस्य हल्दी, उबटन, मेंहदी लेकर मां भवानी मंदिर पहुंचेंगे। यहां महिला संगीत, बुलऊआ होगा और लड्डू बताशा का वितरण किया जाएगा। मंदिर समिति के प्रकाश मालवीय ने बताया कि शिव बारात के आमंत्रण के लिए मंदिर समिति की ओर से ई-पत्रिका तैयार की गई है, सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से शिव विवाह के लिए श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया जा रहा है।
Published on:
05 Mar 2024 11:12 pm
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