
भोपाल/ हनीट्रैप मामले में हर दिए नए खुलासे हो रहे हैं। इस गिरोह की तीन सदस्य को जेल भेज दिया गया है। वहीं, दो महिला और एक पुरुष अभी पुलिस रिमांड पर हैं। जिनसे पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस इस मामले में कुछ भी खुलकर बोल नहीं रही है। लेकिन जो खबरें आ रही हैं, उससे कई सफेदपोश बेनकाब हो जाएंगे। गिरफ्तारी भले ही सिर्फ छह लोगों की हुई है, लेकिन कई सफेदपोश भी इस गैंग में शामिल थे।
दरअसल, गिरफ्तार महिलाएं पॉवर कॉरिडोर में अच्छी खास दखल रखती थी। बताया जाता है कि इनके इशारों पर आईएएस और आईपीएस जैसे अधिकारियों का तबादला हो जाता था। इसलिए ब्यूरोक्रेसी में भी इनकी तूती बोलती थी। अब ये महिलाएं सलाखों के पीछे हैं। प्रदेश में जब बीजेपी की सरकार थी तो इनकी हनक भी खूब थी। प्रदेश में जैसे ही सत्ता बदली वैसे ही ये हसीनाएं अपनी रणनीति भी बदल लीं। और यह गैंग दो टीमों में बंट गईं। दोनों टीमों के पास अलग-अलग काम थे।
टीम ए
इसमें श्वेता विजय जैन के साथ रिवेरा टाउन में रह रही सहेली श्वेता स्वप्निल जैन, लूप लाइन में पड़े तीन आईएएस, दो आईपीएस, तीन पूर्व मंत्री, चार विधायक भी थे। इसमें तीन अन्य युवतियों को जोड़ रखा था। श्वेता के भरोसेमंद तीन पूर्व मंत्रियों में से एक सरकार गिराने का बार-बार बयान देकर सुर्खियों में रहे हैं। यह टीम सरकार के एनजीओ के नाम पर पैसा कमाती थी। श्वेता स्वप्निल अलग से भी काम करती थी।
टीम बी
सरकार बदलने के बाद श्वेता विजय जैन ने टीम-बी बनाई। इसकी मुखिया कांग्रेस में रसूख रखने वाली बरखा को बनाया। इसकी मदद के लिए आरती दयाल को सहयोगी बनाया गया। इसमें करीब 19 युवतियों को जोड़ा गया। इन्हें राजनीतिक या प्रशासनिक गलियारों में नहीं देखा गया था। इन्हीं युवतियों की अफसर और नेताओं के साथ संबंध बनाने की वीडियो क्लिप बरामद हुई है।
रडार पर थे 100 लोग
बरामद वीडियो क्लीपिंग्स की प्रारंभिक जांच और पूछताछ में पता चला है कि टारगेट पर कुल सौ नेता, अफसर और कारोबारी थे। इनमें से 40 लोगों को हनी ट्रैप कर ब्लैकमेल किया जा चुका है। इसमें दो पूर्व सीएम, दो मंत्री, तीन पूर्व मंत्री, एक पूर्व सांसद, पंद्रह आईएएस और आठ आईपीएस के साथ ही कुछ बड़े व्यापारी भी हैं। इंदौर एटीएस टीम के सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार महिलाओं के टारगेट किए लोगों की बकायदा सूची बना रखी थी। इसकी जांच की जा रही है। कॉल डिटेल्स के माध्यम से पचास से ज्यादा महिलाओं के नंबर भी एटीएस को मिले हैं। इनका उपयोग ये शिकार फंसाने के लिए करती थीं।
Published on:
21 Sept 2019 01:10 pm

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