अतिक्रमण कार्रवाई में बाधा डालने वाले पार्षद की पार्षदी खत्म करने निगमायुक्त ने संभागायुक्त को लिखा पत्र
लिंक रोड एक पर झुग्गीवासियों को विस्थापित करने की कार्रवाई के दौरान निगम की अतिक्रमण टीम का ट्रक चलाकर दूर ले जाने वाले पार्षद योगेंद्रसिंह चौहान पर नगर पालिक निगम अधिनियम के तहत कार्रवाई करने निगमायुक्त ने संभागायुक्त को पत्र लिखा है। निगमायुक्त केवीएस चौधरी के पत्र के अनुसार निगम का अमला जब कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंचा तो चौहान ट्रक की चाबी छीनकर खुद वाहन में बैठ गए। गाड़ी में बैठी महिलाओं को उतार दिया। कार्रवाई नहीं करने देने की बात कहते हुए चौहान गाड़ी को कार्यस्थल से दूर ले गए। निगमायुक्त ने पत्र में लिखा है कि उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारी-कर्मचारियों से अभद्रता की, जिसकी एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले में मप्र नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 19 क के तहत कार्रवाई का अनुरोध किया है। इसके तहत यदि पार्षद बने रहना सार्वजनिक निगम हित में वांछनीय न हो तो उसे हटाया जा सकता है। कांग्रेस केे योगेंद्रङ्क्षसह चौहान वार्ड 46 से पार्षद है।
भाजपा के आशाराम शर्मा ने की थी कार्रवाई की मांग
- नगर निगम चुनाव में वार्ड 46 से भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लडऩे वाले आशाराम शर्मा ने इस मामले में बुधवार सुबह ही निगमायुक्त चौधरी को पत्र लिखा था। उसमें इस तरह की स्थिति पर पार्षद पद से निलंबन की मांग की थी। इसके बाद ही निगमायुक्त ने संभागायुक्त को पत्र लिखा। यदि योगेंद्रसिंह चौहान की पार्षदी खत्म होती है तो फिर वार्ड में चुनाव की स्थिति बनेगी।
विधायक पीसी शर्मा सहित नेता प्रतिपक्ष,कांग्रेसी पार्षदों पर टीटी नगर थाने में एफआइआर दर्ज
भोपाल. टीटी नगर पुलिस ने पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता पीसी शर्मा समेत समर्थकों पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का केस दर्ज किया है। मंगलवार को गुलाब उद्यान के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान विधायक और समर्थकों ने हंगामा किया था। कार्रवाई रोकने के लिए पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान निगम का मिनी ट्रक चलाकर ले गए थे। इससे निगम अमला कार्रवाई नहीं कर पाया था। मामले में पूर्व मंत्री शर्मा, पार्षद चौहान, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी, पूर्व पार्षद मोनू सक्सेना व अन्य भी आरोपी बनाए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक मंगलवार को निगम का अमला लिंक रोड नंबर-एक स्थित गुलाब उद्यान के पास पहुंचा था। यहां 40 आदिवासी परिवार सरकारी जमीन पर लंबे समय से झुग्गियां बनाकर रह रहे थे। अमले ने कार्रवाई शुरू की, तभी वहां पूर्व मंत्री शर्मा समर्थकों के साथ पहुंचे। जब निगम अमला पीछे नहीं हटा, तो पार्षद चौहान ने अतिक्रमण अमले के मिनी ट्रक के ड्राइवर को उतारकर खुद ड्राइविंग सीट पर बैठ गए थे। इसके बाद वे निगम अफसरों के सामने ही ट्रक को स्टार्ट कर कुछ दूर ले गए थे। इसके बाद ट्रक खड़ा करके चले गए थे।