भोपाल

नई सडक़ों के निर्माण में न बनें ब्लैक स्पॉट, होगा सेफ्टी ऑडिट

-मप्र सडक़ सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद तय की विभागों की जिम्मेदारी

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Apr 06, 2023
नई सडक़ों के निर्माण में न बनें ब्लैक स्पॉट, होगा सेफ्टी ऑडिट

भोपाल. मप्र में यातायात को सुरक्षित बनाने और हादसों को कम करने के लिए लीड एजेंसी परिवहन विभाग की अगुआई में पुलिस समेत सडक़ निर्माण एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। पिछले महीने हुई मप्र सडक़ सुरक्षा परिषद की बैठक में तय हुए बिन्दुओं के आधार पर आगामी कार्रवाई और इसके लिए जिम्मेदार विभागों की भूमिका तय की गई है। परिषद की बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की थी। इसमें मप्र में सडक़ हादसों और इनमें होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करने पर विशेष जोर दिया गया था। प्रदेश की सडक़ों पर मौजूद ब्लैक स्पॉट्स को चिह्नित कर इन्हें स्थायी रूप से खत्म करने और इसका किसी स्वतंत्र एजेंसी से ऑडिट कराना भी जरूरी किया गया है। साथ ही नई बनने वाली सडक़ों में ब्लैक स्पॉट की मौजूदगी न बने इसके लिए भी सेफ्टी ऑडिट कराने का जिम्मा परिवहन विभाग और सडक़ निर्माण एजेंसियों को उठाना होगा। मप्र की नई सडक़ सुरक्षा नीति को भी तैयार किया जाएगा।

सडक़ों को सुरक्षित बनाने इन विभागों ये जिम्मेदारी
इलेक्ट्रॉनिक मॉनीटरिंग: मप्र के शहरों की अंदरूनी सडक़ों, राजमार्गों समेत अन्य कनेक्टिंग सडक़ों पर असुरक्षित एवं दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर वहां इलेक्ट्रॉनिक मॉनीटरिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए सीसीटीवी कैमरे, स्पीड गन, ब्रीथ एनालाइजर, स्पीड कैमरा का उपयोग होगा। इसका जिम्मा पुलिस, परिवहन और सडक़ निर्माण एजेंसियों को दिया है।
ई-चालान में जुर्माना वसूली: आइटीएमएस द्वारा की जा रही ई-चालान कार्रवाई में जुर्माना वसूली की दर शत-प्रतिशत करने का जिम्मा परिवहन और पुलिस विभाग को सौंपा है। वर्तमान में ई-चालान के जरिये महज 25 फीसदी जुर्माना राशि की वसूली हो रही है। 60 शहरों में पुलिस विभाग द्वारा लगाए गए सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम का उपयोग यातायात प्रबंधन और नियम तोडऩे वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए किया जाएगा। इसके लिए इसे आइटीएमएस से इंट्रीगेट और अपगे्रड करेंगे।
यातायात जागरुकता कार्यक्रम: यातायात नियमों के पालन के लिए जागरुकता के लिए प्रदेश व्यापी विशेष अभियान चलेगा। इसके अलावा परिवहन और पुलिस विभाग की अगुआई में नियमित जागरुकता अभियान जारी रहेंगे। इनमें पुलिस बल के साथ ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ ही एनसीसी और एनएसएस के स्वयंसेवकों की भागीदारी रहेगी। युवाओं को सडक़ सुरक्षा की गंभीरता से रूबरू कराने यातायात सुरक्षा संबंधी फिल्म, वीडियो को सोशल मीडिया के जरिये प्रसारित किया जाएगा। हेलमेट और सीट बेल्ट के लिए पुलिस और परिवहन विभाग अभियान चलाएगा।
हाइवे पर बढ़ेगे पेट्रोलिंग वाहन: प्रदेश से गुजरने वाले नेशनल हाइवे और सभी स्टेट हाइवे पर मौजूद पेट्रोलिंग वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए एनएचआइ और एमपीआरडीसी को जिम्मा सौंपा है। इसके साथ ही परिवहन विभाग को लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की सभी प्रक्रियाओं को भारत सरकार के पोर्टल वाहन-4 और सारथी पर जल्द से जल्द स्थानांतरित करने को कहा गया है।

Published on:
06 Apr 2023 09:47 pm
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