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एमपी में कर्मचारियों-अधिकारियों के अटैचमेंट पर सख्ती, वेतन रोकने के जारी किए निर्देश

Bhopal- अटैच टीचर्स से पढ़ाई प्रभावित, बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए डीईओ ने वेतन रोकने के निर्देश दिए

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Instructions to stop the salaries of attached employees and officers in MP

Instructions to stop the salaries of attached employees and officers in MP (फोटो- Patrika.com)

Bhopal - मध्यप्रदेश में कर्मचारियों, अधिकारियों के अटैचमेंट पर सख्ती की जाने लगी है। राज्यभर में सभी विभागों में ऐसे अमले को मूल विभागों में भेजा जा रहा है। ग्वालियर में नगर निगम में अटैच कर्मचारियों, अधिकारियों का केस तो हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। अब राज्य के शिक्षा विभाग ने भी अटैचमेंट पर कड़ा रुख अपनाया है। खासकर स्कूल शिक्षा विभाग के यहां वहां कार्यरत टीचर्स को स्कूल लौटने के लिए सख्त चेतावनी दी गई है। ऐसा नहीं करने पर उनके वेतन रोकने के निर्देश जारी किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाओं को देखते हुए यह सख्ती की जा रही है। बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर टीचर्स की छुट्टियों पर पहले ही रोक लग चुकी है।

एमपी बोर्ड की 10 वीं और 12 वीं की परीक्षाओं का टाइम टेबल जारी हो चुका है। 12 वीं की बोर्ड परीक्षा 10 फरवरी से और 10 वीं की परीक्षा 13 फरवरी से प्रारंभ होगी। इन परीक्षाओं को देखते हुए भोपाल में सालों से अटैच चल रहे टीचर्स को मूल स्कूलों में वापस लौटने को कहा गया है। जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने इसके लिए सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।

संबंधित टीचर का वेतन रोकने के निर्देश

भोपाल में ही करीब 250 स्कूली टीचर्स आसपास के स्कूलों या अन्य विभागों में अटैच हैं। इन सभी को तुरंत अपने मूल स्कूलों में लौटने को कहा गया है। डीईओ ने ऐसा नहीं करने पर संबंधित टीचर का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इसके लिए प्राचार्यों की जिम्मेदारी तय की है।

अटैचमेंट खत्म होने से स्कूलों में टीचर्स की कमी पूरी हो सकेगी

डीईओ एनके अहिरवार ने स्पष्ट कर दिया है कि मूल स्कूल में टीचर की अनुपस्थिति पर संबंधित प्राचार्य को जिम्मेदार माना जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बोर्ड परीक्षाएं पास आ चुकी हैं लेकिन कई स्कूलों में विषय विशेषज्ञों की कमी बनी हुई है। कई टीचर सालों से मूल स्कूलों की बजाए दूसरी जगहों पर अटैच हैं। अटैचमेंट खत्म होने से स्कूलों में टीचर्स की कमी पूरी हो सकेगी। डीईओ ने साफ कहा कि मूल स्कूल में नहीं लौटने वाले टीचर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उनका वेतन भी रोका जाएगा।

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