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भारत ही नहीं बल्कि पूरे एशिया की ‘ताज’ है भोपाल की ताज-उल-मस्जिद

शहर में आपको बहुत से मंदिर और चर्च देखने को मिल जाएंगे। लेकिन जब बात मस्जिद की आती है तो सबसे ऊपर ताज-उल-मस्जिद का नाम आता है। कहा जाता है कि भोपाल की ये मस्जिद बेहद खास है

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भोपाल

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Nisha Rani

Feb 17, 2024

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तालाबों के लिए मशहूर नवाबों का शहर भोपाल अपनी खूबसूरती के लिए पूरे देश में जाना जाता है। हरे भरे पेड़ों से भरे भोपाल शहर की आबो हवा हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है। भोपाल शहर का ऐतिहासिक महत्व भी है और यहां कई ऐसी ऐतिहासिक जगहें हैं, जो न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में मशहूर हैं। शहर में आपको बहुत से मंदिर और चर्च देखने को मिल जाएंगे। लेकिन जब बात मस्जिद की आती है तो सबसे ऊपर ताज-उल-मस्जिद का नाम आता है। कहा जाता है कि भोपाल की ये मस्जिद बेहद खास है।

ताज-उल मस्जिद का इतिहास
सन भोपाल के शासक बहादुर शाफ जफर थे जिनकी पत्नी सिकंदर बेगम ने ताज उल मस्जिद को दुनिया की सबसे बड़ी मस्जिद बनाने का सपना देखा था। उन्होंने इसके लिए हर संभव प्रयास भी किया लेकिन पैसों की कमी के कारण अपने जीते जी वो ये सपना पूरा नहीं कर पाईं। उनके बाद उनकी बेटी नवाब शाहजहां बेगम ने भी इसे अपना सपना बनाया, लेकिन वो भी इसे पूरा नहीं कर पाईं और ताज-उल मस्जिद का निर्माण पूरा नहीं हो सका ।

भोपाल की रानी शाहजहां बेगम ने बनवाया
कहा जाता है कि ताज उल मस्जिद को भोपाल की रानी शाहजहां बेगम ने करवाया था। इतिहास के पन्नों में शाहजहां बेगम का नाम भोपाल पर राज करने के साथ ही खूबसूरत इमारतों का निर्माण कराने के लिए भी दर्ज है। शाहजहां बेगम को इमारतें बनवाने का बहुत शौक था इसलिए उन्होंने भोपाल में ताज-उल- मस्जिद, ताजमहल, नूर मस्जिद, बेनजीर मंजिल, नूर महल, निशात मंजिल, नवाब मंजिल आदी बनवाईं। इसके अलावा, उन्होंने नवाब जहांगीर मोहम्मद खान और सिकंदर बेगम के नाम से मकबरे भी बनवाए।

क्या है खासियत
वैसे तो हर जगह अपने आप में खास होती है, वहीं अगर ताज उल मस्जिद की बात करें तो ये एशिया की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है। क्योंकि इसे मस्जिदों का ताज कहा जाता है। लोगों का मानना है कि ये मस्जिद मुस्लिम समुदाय के लिए बहुत खास है। लोग यहां 5 वक्त की नमाज पढ़ने के साथ-साथ इसकी वास्तुकला भी देखने आते हैं

कैसे पहुंचे ताज उल मस्जिद तक
ताज-उल मस्जिद भोपाल स्टेशन से कुल 3 किमी की दूरी पर स्थिति है, जहां पहुंचने में मात्र 8 से 10 मिनट का समय लगता है। अगर आप फ्लाइट से जाएं तो भोपाल में राजा भोज एयरपोर्ट है, जहां से शहर 15 किमी की दूरी पर है। अगर आप एयरपोर्ट से बड़ी मस्जिद के लिए टैक्सी करेंगे तो 150-200 रूपए चार्ज लगेगा। इसके अलावा बस या ट्रेन से भी आप आसानी से भोपाल स्टेशन पहुंच सकते हैं। यहां से ताज-उल मस्जिद जाने के लिए आपको टैक्सी या ऑटो हायर करना होगा, जो सीधे आपको ताज-उल मस्जिद पर ही छोड़ेगा।