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26 लाख की आबादी पर एक भी फायर अफसर नहीं

भोपाल में आगजनी की बड़ी दुर्घटना से निपटने के इंतजाम बेहद कम हैं। शहर की आबादी 26 लाख के करीब है। बावजूद शहर में एक भी फायर अफसर तक नहीं है। 2

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भोपाल. राजधानी में आगजनी की बड़ी दुर्घटना से निपटने के इंतजाम बेहद कम हैं। शहर की आबादी 26 लाख के करीब है। तीन हजार से ज्यादा छोटे-बड़े संस्थान हैं। 6 लाख से ज्यादा आवास हैं। बावजूद शहर में एक भी फायर अफसर तक नहीं है। 28 फरवरी को महापौर मालती राय ने फायर शाखा की समीक्षा की थी। तब शासन से मध्य प्रदेश में फायर एक्ट लागू करने को कहा गया था। ताकि, फायर का इंतजाम न करने वाले संस्थानों पर कानूनी कार्रवाई की जा सके।

नौ दिन चले अढ़ाई कोस
प्रदेश में अब तक फायर सेफ्टी एक्ट लागू नहीं हो सका है। जबकि 2022 में ही मप्र अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम का ड्राफ्ट तैयार हो गया। लेकिन अब तक यह लागू नहीं हो सका है।
कोचिंग संस्थानों में आग के बचाव नहीं
एमपी नगर में छोटे-बड़े करीब 600 कोचिंग सेंटर्स में से 80 फीसदी में आग से निपटने के इंतजाम अधूरे हैं। तो पुराने शहर के बाजारों की तंग गलियों में फायर ब्रिगेड जा ही नहीं सकती।
आग की घटनाओं पर यहां करें कॉल
101, 07552542222, 07552701401
इन बाजारों में इंतजाम नहीं
न्यू मार्केट
सामान्य दिनों में यहां एक समय में 20 से 25 हजार की भीड़ रहती है। यहां निगम के सब स्टेशन हैं। फायर ब्रिगेड का मुख्य दफ्तर भी है। लेकिन भीड़ मुश्किलें खड़ी कर सकती है।
चौक बाजार
पुराने शहर की व्यस्त गलियों में दोपहिया फायर ब्रिगेड गाडिय़ां खड़ी रहती हैं। बड़ी आग बुझाने में ये कारगर नहीं हैं।
लखेरापुर
कपड़ों और प्लास्टिक के इस प्रमुख बाजार में फायर ब्रिगेड का कोई वाहन नहीं है। संकरी गलियों में इनका जाना मुश्किल है।
जुमेराती बाजार
किराना, तेल और खानपान के साथ इलेक्ट्रॉनिक इस बड़े बाजार में पहले जनकपुरी के पास नगर निगम की गाड़ी खड़ी रहती थी। आजकल नहीं दिखती है।
आग बुझाने के ये इंतजाम
-चार फायर अफसर और एक मुख्य फायर अफसर होना चाहिए, लेकिन एक भी नहीं है।
-दो ही सहायक फायर अफसर हैं, जबकि आठ की जरूरत है
-दो लाख की आबादी और एक से तीन किमी के क्षेत्र में एक फायर स्टेशन होना चाहिए, जबकि 11 फायर सब स्टेशन ही हैं। इनमें आठ ही सक्रिय हैं।
-आइएसबीटी, गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया, पुल बोगदा, छोला फायर स्टेशन, पुराना कबाडख़ाना, गांधी नगर एयरपोर्ट, संत हिरदाराम नगर, कोलार, माता मंदिर, यूनानी शफाखाना व फतेहगढ़ कंट्रोल रूम को मिलाकर कुल 11 फायर स्टेशन हैं।
- हाइड्रेंट सिस्टम सिर्फ सराफा चौक में है। वो भी चालू नहीं हो सका।
- 52 मीटर यानी 170 फ़ीट ऊंचाई तक आग बुझाने 5.40 करोड़ रुपए की ऑटोमेटिक हाइड्रोलिक मशीन भी है।
आग,जांच,नतीजा सिफर
17 दिसंबर 2017 को बैरागढ़ स्थित शॉपिंग कॉम्पलेक्स में भीषण आग लगी। करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ। तब शहर की करीब 400 ऊंची इमारतों, व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स की जांच कराई गई थी, 99 फीसदी में फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं मिले।
फायर एनओसी की स्थिति
- दो साल मेंं निगम ने 1700 से अधिक नोटिस दिए, एनओसी महज 410 ने ली।
- 300 से अधिक अस्पताल, लेकिन 150 ने ही ले रखी है एनओसी।
- 600 से अधिक सरकारी भवनों ने न तो भवन अनुज्ञा ली है और न ही फायर एनओसी।
- 04 फायर कंसल्टेंट तय किए हैं निगम ने। एनओसी के लिए, इनके पास कोई नहीं जाता।
शहर में आग बुझाने की व्यवस्था को लगातार मजबूत कर रहे हैं। 52 मीटर ऊंचाई तक आग बुझाने के लिए मशीन आई है। फायर एक्ट के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
मालती राय, महापौर, नगर निगम भोपाल

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