भोपाल। मध्यप्रदेश में बहने वाली चंबल नदी के पास दुनिया की अति संकटग्रस्त कछुओं की प्रजाति बटागुर मिलने के बाद उन्हें बचाने के लिए एक-एक अंडा सहेजा जा रहा है। नदी किनारे ये कछुए अपना घरौंदा बनाकर अंडे देते हैं। लेकिन, सैंड माइनिंग, बांध से पानी छोड़े जाने और नदी किनारे तरबूज आदि की खेती के कारण इनके घरौंदों के साथ-साथ अंडे नष्ट हो जाते हैं। इससे प्रजाति विलुप्ति के कगार पर पहुंच गई थी। अब इन कछुओं के अंडे दूसरे स्थान पर हैचरी में शिफ्ट कर संरक्षण के प्रयास जारी हैं। नतीजे में संख्या बढऩे लगी है।