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शहर से सटे क्षेत्रों में निवासरत आबादी की पहुंच से दूर बसें

50 से ज्यादा नए रूट पर शुरू करने का था दावा

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शहर से सटे क्षेत्रों में निवासरत आबादी की पहुंच से दूर बसें

शहर से सटे क्षेत्रों में निवासरत आबादी की पहुंच से दूर बसें

भोपाल. शहर के 100 किमी के दायरे में बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा मुहैया कराने के लिए बीसएलएल ने केंद्र सरकार से अनुदान प्राप्त किया। बसों को शहर से सटे क्षेत्रों और आसपास जिलों तक चलाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बीसीएलएल ने इन बसों को शहर के अंदर चलाकर ही कंडम कर लिया। कोरोना काल में मामला दब गया और अब नए रास्तों पर बसों को चलाने के लिए फंड का टोटा बताया जा रहा है।
नई कॉलोनियों को नहीं मिल रहा लाभ
बैरसिया, कोलार, कटारा, बर्रई, मिसरोद, मंडीदीप, विदिशा रोड, बैरागढ़ के नए इलाकों में बस सेवा शुरू होनी थी। शहर के आसपास 100 किमी कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट के तहत विदिशा, रायसेन, सीहोर, औबेदुल्लागंज, नसरुल्लागंज और नर्मदापुरम तक भी बसों को चलाया जाना था। करीब 50 रूट पर बसें चलनी थी। यहां बसी नई कॉलोनी और बसाहटों में रहने वाले हजारों लोग कई किमी पैदल चलकर मुख्य मार्ग तक आने को मजबूर हैं।
शहर में चलकर खटारा हो गईं ये बसें
विदिशा, रायसेन, सीहोर, औबेदुल्लागंज, नसरुल्लागंज और नर्मदापुरम से प्रतिदिन भोपाल आने जाने वाले इन यात्रियों के लिए वर्ष 2013 में 10 करोड़ रुपए की लागत से 20 एसी बसें खरीदी गई थीं। इन बसों को प्रतिदिन इन रूट पर सब्सिडी युक्त भाड़े पर चलाने का प्लान था। योजना का मकसद अप डाउनर्स को सुरक्षित, सस्ते और सुविधाजनक यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराना था।
पांच साल में विकसित हुए ये इलाके
भोपाल पूर्व- बीएचईएल, निजामुद्दीन कालोनी, अयोध्या नगर, पटेल नगर एरिया शहर के इंडस्ट्रियल एरिया के रूप में विकसित हुआ है।
पश्चिम- लालघाटी, बैरागढ़, भौंरी जैसे इलाकों में इंदौर हाइवे के नजदीक होने की वजह से डेवलपमेंट हुआ है।
उत्तर- कोलार, बैरसिया रोड पर आईटी पार्क सहित सरकारी संस्थानों के होने से ये इलाका शहर के नक्शे पर तेजी से विकसित हुआ है।
दक्षिण- बर्रई, कटारा हिल्स, बागसेवनियां, अरङ्क्षवद विहार, रजत विहार, दानिश नगर जैसे इलाके नर्मदापुरम हाईवे के नजदीक होने की वजह से विकसित हो रहे हैं।

ग्रामीण रूट पर नई बसें चलाने का प्रस्ताव मंजूर किया जा चुका है। परमिट मंजूरी की औपचारिकता के चलते न्यायालय के निर्देश पर बस सेवा बंद हुई है जिसके लिए अपील की जा
रही है।
- आरके सक्सेना, सीई, बीसीएलएल

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