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CM मोहन यादव का ऐलान, अब ‘खेती’ में नहीं खर्च करने पड़ेंगे लाखों रुपए

MP News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हुई कृषि अभिमुखीकरण कार्यशाला में यह घोषणा की।

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CM Mohan Yadav Announces

CM Mohan Yadav Announces (Photo Source - Patrika)

MP News: मजदूरों की कमी और कर्ज व फसल बर्बादी से जूझ रहे किसानों के लिए खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। लाखों रुपए खर्च करने पड़ते हैं, तब कहीं उपज हो पाती है। सबसे ज्यादा खर्चा खाद-बीज व कृषि से जुड़े उपकरणों की खरीदी पर होता है। खासकर सभी किसानों के लिए कृषि उपकरण खरीदना आसान नहीं होता। इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने किसानों को किराये पर कृषि से जुड़े उपकरण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हुई कृषि अभिमुखीकरण कार्यशाला में यह घोषणा की। ये उपकरण खरीफ सीजन से उपलब्ध होंगे। इसके लिए प्लेटफार्म तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि अपनी विधानसभाओं में 4 से 5 सम्मेलन करें, 5 लाख रुपए की मदद दी जाएगी।

मंत्री कैलाश व प्रहलाद समेत कई नहीं पहुंचे

कृषक कल्याण वर्ष में कई मंत्री-विधायकों की दिलचस्पी इस ओर नहीं होने के चलते सरकार ने यह कार्यशाला बुलाई। इसमें सभी मंत्रियों को रहना था। लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री प्रहलाद पटेल समेत कई पहुंचे ही नहीं। हालांकि बड़ी संख्या में सत्ता पक्ष के नेताओं ने सहभागिता निभाई।

मुख्यमंत्री ने मंत्री-विधायकों से कहा- किसानों को यह बताए

-भावांतर पर सोयाबीन खरीदा, अब सरसों भी खरीदने जा रहे, उड़द पर 600 रुपए प्रति इिवंटल बोनस मिलेगा।

-स्कूली बच्चों के लिए नि:शुल्क दूध वितरण के लिए माता यशोदा योजना शुरू करने जा रहे। इसमें दूध की जरुरत और पड़ेगी।

-होम स्टे पहल से जोड़ें। लघु- कुटीर उद्योग के क्षेत्र में शहद उत्पादन को और बढ़ाएं।

-सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर करेंगे, अभी तक जो काम किए, उनकी जानकारी दें। यदि कहीं सिंचाई सुविधा का विस्तार करना हो तो किसानों से सुझाव लें।

-मोटे अनाज को प्रोत्साहित किया जा रहा है, 1000 रुपए प्रति क्विंटल रुपए दे रहे हैं।

-पहली बार मछली पालन नीति लेकर आए, इसमें किसान भी जुड़ सकते हैं।

-उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देंगे, फूड प्रोसेसिंग यूनिट का विस्तार कर रहे।

-दूध उत्पादन और पशुपालन की व्यापक संभावनाएं हैं, इसे बढ़ाना है। दूध के दाम प्रति लीटर 5 रुपए बढ़ाए हैं, अधिक उत्पादन के लिए प्रेरित करें।

-फल, सब्जी खराब न हो, इसके लिए कोल्ड स्टोरेज की क्षमता बढ़वा रहे। मंडियों को आधुनिक बनाया है, और भी काम करने बाकी है।