2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

10 दिनों में सैकड़ों लोगों के संपर्क में आए संक्रमण का शिकार शिवराज, शक के दायरे में कई दिग्गज

सीएम की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव (Corona Report Positive) आने के बाद अब उन लोगों की टेंशन बढ़ गई है, जो बीते 10 दिनों में सीएम के संपर्क में आए हैं।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Mohammad Faiz Mubarak

•

Updated: 26 Jul 2020, 2:25 PM IST

news

10 दिनों में सैकड़ों लोगों के संपर्क में आए संक्रमण का शिकार शिवराज, शक के दायरे में आए कई दिग्गज

भोपाल/ मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण की तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, सूबे के मुखिया शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ही उसकी चपेट में आ चुके हैं। सीएम की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव (Corona Report Positive) आने के बाद अब उन लोगों की टेंशन बढ़ गई है, जो बीते 10 दिनों में सीएम के संपर्क में आए हैं। इनमें कैबिनेट मंत्री, मंत्रालय के लगभग सभी आला अफसर, दल बदलकर भाजपा में शामिल हुए कई नेता और बीजेपी के कई बड़े छोटे नेताओं का नाम इस लिस्ट में शामिल है।

पढ़ें ये खास खबर- शिवराज हुए कोरोना पॉजिटिव तो दिग्विजय ने कसा तंज, कहा- क्या पुलिस आप पर भी दर्ज करेगी केस?


10 दिनों में सीएम ने किया 3 जिलों का दौरा

दरअसल, बीते 10 दिनों में मुख्यमंत्री ने उपचुनाव की तैयारी के तहत उज्जैन, ग्वालियर और विदिशा का दौरा किया था। इस दौरान वो पार्टीके कई नेता कार्यकर्ताओं और लोगों के संपर्क में आए थे। इसके अलावा हेलीकॉप्टर की यात्रा के दौरान सीएम बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा, संगठन मंत्री सुहास भगत, कैबिनेट मिनिस्टर मोहन यादव, भूपेंद्र सिंह और बीजेपी मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर के भा साथ रहे।

17 जुलाई से 24 जुलाई तक की डिटेल्स

-17 जुलाई उज्जैन गए थे सीएम

17 जुलाई को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान विधानसभा में आयोजित सर्वदलीय बैठक में शामिल हुए थे। इस दौरान यहां पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा भी बैठक में शामिल थे। इसी दिन वो उज्जैन गए थे, यहां उन्होंने महाकाल मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान उनके साथ कैबिनेट मिनिस्टर मोहन यादव भी शामिल थे। यहां सीएम ने कलेक्टर कार्यालय में कोरोना समीक्षा बैठक की थी।


-20 जुलाई को ग्वालियर गए थे

20 जुलाई को सीएम चौहान ग्वालियर दौरे पर थे। वहां उन्होंने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की थी। ग्वालियर से लौटकर उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की थी। कोरोना के लेकर भी समीक्षा बैठक की थी। यहां कलेक्टर पुलिस अधीक्षक के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा के बाद सामान्य प्रशासन विभाग के अफसरों के साथ बैठक की थी।

पढ़ें ये खास खबर- MPBSE MP board 12th result 2020 date : 27 जुलाई को आएगा 12वीं कक्षा का रिजल्ट, आदेश जारी


-21 जुलाई लखनऊ गए थे सीएम

21 जुलाई को सीएम शिवराज राज्यपाल लालजी टंडन के निधन पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने लखनऊ गए थे। सीएम के साथ बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा और सुहास भगत भी मौजूद थे। यहां सीएम ने राज्यपाल के परिवार से मुलाकात की। साथ ही, वो यहां कई लोगों से मिले थे।


-22 जुलाई को कैबिनेट बैठक में हुए थे शामिल

22 जुलाई को सीएम मंत्रालय में कैबिनेट बैठक में शामिल हुए थे, बैठक में सरकार के सभी मंत्री भी शामिल हुए थे। इसी दिन मुख्यमंत्री ने आधा दर्जन मंत्रियों के साथ वन टू वन चर्चा भ की थी, जिसमें बृजेंद्र प्रताप सिंह, तुलसी सिलावट, मीना सिंह, कमल पटेल, एंदल सिंह कंसाना, गोविंद सिंह राजपूत शामिल थे।


-23 जुलाई को भी मंत्रियों से हुई वन टू वन चर्चा

इस चर्चा में ओमप्रकाश सकलेचा, विश्वास सारंग, प्रभु राम चौधरी, महेंद्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युम्न सिंह तोमर, उषा ठाकुर, मोहन यादव, हरदीप सिंह डंग, इंदर सिंह परमार और बृजेंद्र सिंह यादव शामिल थे। इसी दिन बीजेपी दफ्तर में कांग्रेस विधायक नारायण पटेल की सदस्यता कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे। इस दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा भी मौजूद थे।

पढ़ें ये खास खबर- पेट के कीड़े मारने वाली ये दवा कर रही है कोरोना वायरस को 'किल', यहां तेजी से ठीक हो रहे मरीज


24 जुलाई को सीएम ने कोरोना के लेकर समीक्षा बैठक की और सरकारी भूमि के प्रबंधन को लेकर राजस्व, नगरी प्रशासन विभाग के अफसरों के साथ चर्चा की। ऐसे में मुख्यमंत्री प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तरीके से करीब 500 लोगों के संपर्क में आए थे।


इन सभी लोगों की बढ़ी टेंशन

बहरहाल, अब उन सभी लोगों की चिंता बढ़ गई है, जो किसी न किसी तरीके से बीते दस दिनों के भीतर मुख्यमंत्री के संपर्क में आए थे। हालांकि, मंत्रालय में हुई सभी बैठकों में तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया, लेकिन बीजेपी दफ्तर में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पार्टी और दल बदल कर बीजेपी में शामिल हुए नेता और कार्यकर्ताओं के सीधे संपर्क में आए हैं। इन्हीं लोगों पर सीएम के जरिये संक्रमण फैलने का अधिक खतरा है।